दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण कम होने पर GRAP-4 हटाया गया। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद अब GRAP-2 लागू। जानें इसके क्या मायने हैं।

GRAP-4 revoked in Delhi: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम होने के बाद जीआरएपी के स्टेज चार को हटा दिया गया है। GRAP-4 को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद लागू किया गया था। दिल्ली-एनसीआर में बेकाबू हो चुके वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य दोनों को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने बिना इजाजत GRAP-4 को न हटाने का भी आदेश दिया था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद दिल्ली में GRAP-4 को हटा दिया गया। अब सख्ती कम करते हुए GRAP-2 को प्रभावी कर दिया गया है।

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सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद मिली ढील

दरअसल, एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों में ढील दी गई है। सीएक्यूएम ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार करे बाद उसने तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में जीआरएपी (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के चरण-4 और चरण-3 को रद्द करने का फैसला किया है। सीएक्यूएम का यह निर्णय, सुप्रीम कोर्ट की जीआरएपी-4 प्रतिबंधों में ढील देने की अनुमति दिए जाने के बाद आया है। नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई का लेवल 300 से नीचे रहा है।

एक्यूआई का लेवल कितना क्या माना जाता है?

शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब माना जाता है जबकि 401 से 500 के बीच इसे गंभीर माना जाता है।

चार राज्यों के चीफ सेक्रेटरी तलब किया था

दिल्ली की वायु प्रदूषण पर सुनवाई करते हुए बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सहित एनसीआर के चीफ सेक्रेटरीज को तलब किया था। प्रदूषण प्रतिबंधों के दौरान मजदूरों को भत्ता नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी थी। बेंच ने कहा था कि उम्मीद थी कि कम से कम एक राज्य यह दिखाएगा कि उसने बड़ी संख्या में मजदूरों को भत्ता दिया है। इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों को गुरुवार को उपस्थित होने के लिए कहा था। पढ़िए पूरी खबर…