अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) शुरू हो गई है। यह 62 दिन चलेगी। यात्रा का समापन 31 अगस्त को होगा। सुरक्षा के लिए सात हजार जवानों की तैनाती की गई है। 

बालटाल। अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) शनिवार से शुरू हो गई है। इस साल यात्रा 62 दिन चलेगी। इस दौरान भक्त भगवान भोले का दर्शन कर पाएंगे। गांदरबल के बालटाल बेस कैंप से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए रवाना हो गया है। गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर श्यामबीर ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के सीनियर अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ तीर्थयात्रियों को हरी झंडी दिखाकर बालटाल बेस कैंप से रवाना किया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

श्यामबीर ने कहा, "हमने आज तीर्थयात्रियों के पहले बैच को भेजा है। मैं सभी भक्तों की सुखद यात्रा की कामना करता हूं। श्रद्धालुओं से निवेदन है कि वे उपलब्ध कराई जा रही सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं। इस वक्त करीब 7-8 हजार तीर्थयात्री हैं। रजिस्ट्रेशन चल रहा है। हमारे स्वयंसेवक हर जगह सहायता के लिए मौजूद हैं।"

62 दिन चलेगी अमरनाथ यात्रा

इस साल अमरनाथ यात्रा 62 दिन चलेगी। 1 जुलाई से इसकी शुरुआत हुई। यात्रा का समापन 31 अगस्त को होगा। अमरनाथ गुफा मंदिर दक्षिण कश्मीर में है। यह हिमालय पर्वत पर करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर है। यहां तक जाने के लिए दो ट्रैक हैं। पहला ट्रैक नुनवान-पहलगाम से और दूसरा बालटाल से शुरू होता है। नुनवान-पहलगाम ट्रैक 48 किलोमीटर लंबा है। वहीं, बालटाल से शुरू होने वाला ट्रैक 14 किलोमीटर लंबा है। इसकी लंबाई कम है, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई है।

अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला बैच शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप पहुंचा था। उधमपुर जिले के काली माता मंदिर में जिला प्रशासन ने उनका स्वागत किया था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को भगवती नगर स्थित यात्री निवास आधार शिविर से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अमरनाथ यात्रा को लेकर बुधवार से ही कई लंगर समितियों ने काम शुरू कर दिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रैक रूट पर लंगर लगाए गए हैं। उधमपुर जिले में जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग NHW-44 पर 22 लंगर लगाए गए हैं।

सुरक्षा के लिए 7 हजार जवान तैनात

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। करीब 7 हजार जवानों को तैनात किया गया है। सीआरपीएफ के जवानों को पूरे ट्रैक पर तैनात किया गया है। जवान यात्रियों के जत्थे के साथ चलकर उन्हें सुरक्षा दे रहे हैं। पहली बार आईटीबीपी के जवानों को अरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। पुलिस के जवानों की भी तैनाती की गई है।