समाजसेवी अन्ना हजारे को अपनी सुरक्षा बढ़ाया जाना रास नहीं आया। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर बढ़ी हुई सुरक्षा हटाने की मांग की है। अन्ना ने लिखा, मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं है। अगर उनके साथ कोई अनहोनी है तो वे खुद इसके लिए जिम्मेदार होंगे। 

मुंबई. समाजसेवी अन्ना हजारे को अपनी सुरक्षा बढ़ाया जाना रास नहीं आया। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर बढ़ी हुई सुरक्षा हटाने की मांग की है। अन्ना ने लिखा, मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं है। अगर उनके साथ कोई अनहोनी है तो वे खुद इसके लिए जिम्मेदार होंगे। 

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अन्ना को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। इसे हाल ही में बढ़ाकर जेड श्रेणी किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में 90 प्रख्यात लोगों की सुरक्षा में बदलाव किया था। 

'सुरक्षा में बेवजह खर्च हो रहा'
अन्ना अपने गांव रालेगण सिद्धी में 20 दिसंबर से मौन व्रत पर हैं। वे महिला सुरक्षा को लेकर ये व्रत कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, सरकार मंदिर में रह रहे मुझ जैसे फकीर की सुरक्षा पर मोटी रकम खर्च कर रही है। टैक्स के रूप में मिले पैसों का दुरुपयोग जनता को पसंद नहीं आता है। भले ही यह दूसरों के लिए गहनों की तरह हो, लेकिन मेरे लिए ये बुराई है। मुझे कुछ लोगों ने धमकी भी दी है। लेकिन मैं मरने से नहीं डरता।

उन्होंने कहा, मैं पहले भी मौत को चकमा दे चुका हूं। सुरक्षा के बावजूद कोई मरेगा नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की कड़ी सुरक्षा के बावजूद हत्या हुई थी।