attack on owaisi : गुरुवार शाम असदुद्दीन ओवैसी मेरठ में थे। उन्होंने दावा किया था कि वहां से लौटते वक्त उनकी गाड़ी पर 4 राउंड फायरिंग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे दौरे के बारे में सभी को पता था। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने गोलीबारी की तो मेरे ड्राइवर ने समझदारी और तुरंत गाड़ी भगा ली। इस हमले की खबर के बाद गृह मंत्रालय ने उन्हें जेड सिक्योरिटी देने का विचार किया है। 

नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की गाड़ी पर उत्तर प्रदेश में हुए हमले के बीच खबरें आईं कि केंद्र सरकार उन्हें जेड सिक्योरिटी देने पर विचार कर रही है। हालांकि ओवैसी ने शुक्रवार को संसद में जेड सिक्योरिटी लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं सिक्योरिटी नहीं लूंगा। मुझे जेड कैटेगरी सिक्योरिटी (Z security) नहीं चाहिए। मुझे A कैटेगरी का शहरी बनाइए ताकि मेरी और आपकी जिंदगी बराबर हो। 

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सरकार किसी की भी हो, उसके खिलाफ बोलूंगा
ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता गोली चलाने वालों का जवाब बैलेट से देगी। नफरत का जवाब मोहब्बत से देगी। ओवैसी ने कहा कि मैं सरकार से अपील करता हूं कि मैं आजाद जिंदगी गुजारना चाहता हूं। मुझे अपनी आवाज उठानी है। सरकार किसी की भी हो, उसके खिलाफ बोलना है। अगर गोली लगती है तो मुझे कबूल है। 

गुरुवार को गाड़ी पर हुआ था हमला, बाल-बाल बचे थे
गुरुवार शाम असदुद्दीन ओवैसी मेरठ में थे। उन्होंने दावा किया था कि वहां से लौटते वक्त उनकी गाड़ी पर 4 राउंड फायरिंग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे दौरे के बारे में सभी को पता था। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने गोलीबारी की तो मेरे ड्राइवर ने समझदारी और तुरंत गाड़ी भगा ली। इन लोगों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए इन्होंने मेरी जान लेने की कोशिश की है। ओवैसी ने गाड़ी का फोटो ट्विटर पर शेयर किया था। इसमें नीचे की तरफ गोलियों के दो निशान थे। 

हमले के दोनों आरोपी भेजे गए जेल
असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। दोनों आरोपियों की सुरक्षा को देखते हुए इन्हें जिला न्यायालय की बजाय पुलिस लाइन में सीजेएम के समक्ष पेश किया। दोनों आरोपियों की पेशी के चलते सुबह से ही कचहरी परिसर के बाहर बड़ी संख्या में मीडिया और अन्य लोग जुटे थे। इसीलिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दोनों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले के एक आरोपी को ओवैसी की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मौके से पकड़ लिया था। दूसरे आरोपी को बाद में गिरफ्तार किया गया। हमलावरों ने पूछताछ में बताया था कि वे ओवैसी के हिंदू विरोधी बयानों की वजह से नाराज थे। 

क्या होती है Z कैटेगरी सिक्योरिटी
जेड सिक्योरिटी में सीआरपीएफ के कमांडो शामिल होते हैं। यह सुरक्षा सीआरपीएफ मुहैया कराती है। इस कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के काफिले के आगे एस्कॉर्ट कार चलती है। जेड सिक्योरिटी में तैनात कमांडोज के पास अत्याधुनिक हथियार और संचार के साधन रहते हैं। इसमें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के भी कमांडो रखे जाते हैं। 

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