देश का डिजिटल मीडिया अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आ गया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को इस आशय से संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार अब ऑनलाइन फिल्मों, ऑडियो-विजुअल कार्यक्रमों और ऑनलाइन समाचार और करेंट अफेयर्स (सम सामयिक) के कंटेंट (सामग्री) सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत आएंगे।

नई दिल्ली. देश का डिजिटल मीडिया अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आ गया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को इस आशय से संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार अब ऑनलाइन फिल्मों, ऑडियो-विजुअल कार्यक्रमों और ऑनलाइन समाचार और करेंट अफेयर्स (सम सामयिक) के कंटेंट (सामग्री) सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत आएंगे। बता दें कि केंद्र सरकार ने इस बारे में फैसला बीते सप्ताह आयोजित हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
Scroll to load tweet…

राष्ट्रपति ने आदेश पर किए हस्ताक्षर

दरअसल, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन सामग्री प्रदाताओं और ऑनलाइन समाचार और वर्तमान मामलों की सामग्री द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन फिल्मों और ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रमों को लाने के आदेश जारी किए हैं। 9 नवंबर को जारी एक अधिसूचना में यह घोषणा करते हुए कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में I & B मंत्रालय के दायरे में ऑनलाइन फिल्मों, डिजिटल समाचार और वर्तमान मामलों की सामग्री को शामिल करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन और हॉटस्टार कंटेंट अब सरकार की निगरानी में

ऑनलाइन फिल्मों और ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम जैसे दिखाने वाले नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन प्राइम वीडियो, औऱ हॉटस्टार जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म अब प्रकाश जावड़ेकर के नेतृत्व वाले I & B मंत्रालय द्वारा शासित होंगे। सूत्रों के मुताबिक "यह केवल आईटी और I / B के दायरे में 'कंटेंट' ला रहा है। ओटीटी हालांकि एक नया प्लेटफॉर्म है, जहां कंटेंट के खिलाफ चिंता पहले सरकार के साथ नहीं उठाई जा सकती थी, जो अब संभव है।