तुर्की व सीरिया में 12 घंटे के भीतर तीन शक्तिशाली भूकंपों के बाद कम से कम 5000 लोग मारे गए हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पूरे क्षेत्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। इस बीच भारत ने मदद के लिए रेस्क्यू टीम और सामग्री भेज दी है।

वर्ल्ड न्यूज. तुर्की और सीरिया में 12 घंटे के भीतर तीन शक्तिशाली भूकंपों(powerful earthquakes struck Turkey and Syria) के बाद कम से कम 5000 से अधिक लोग मारे गए हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पूरे क्षेत्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, क्योंकि कई इमारतें ढह गई हैं, और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस बीच भारत ने तुर्की को राहत सामग्री सहित रेस्क्यू टीम रवाना की है। इस बीच तुर्किये में 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। पढ़िए पूरी डिटेल्स...

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इस सदी का सबसे भयंकर भूकंप बताया जा रहा है

तुर्किये और सीरिया में आया भूकंप इस सदी का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। सोमवार सुबह तुर्किये (तुर्की) और सीरिया में 7.8 की तीव्रता के इस विनाशकारी भूकंप ने दोनों देशों में अब तक 4000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। 6000 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस बीच तुर्किये के कुछ इलाकों में अचानक मौसम बदलने से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आने लगी हैं।

अगर तुर्किये की बात करें

तुर्किये (तुर्की) में 7.8, 7.6 और 6.0 तीव्रता के लगातार तीन विनाशकारी भूकंप आए। भूकंप के बाद 50 से अधिक आफ्टरशॉक्स आए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि पहला 7.8 तीव्रता का भूकंप तुर्किये के शहर गजियांटेप के पास लगभग 17.9 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर सुबह 4:17 बजे आया। तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने 7.8 तीव्रता के भूकंप को 1939 के बाद से देश की सबसे बड़ी आपदा बताया। भूकंप से गाजियांटेप, सान्लिउर्फा, दियारबाकिर, अदाना, अदियामन, मालट्या, उस्मानिया, हटे और किलिस प्रांत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

अगर सीरिया की बात करें

सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश के विद्रोहियों के कब्जे वाले उत्तर पश्चिम में (जहां सरकार का नियंत्रण नहीं है) वहां बड़ी संख्या में लोग मारे गए। सीरिया में दो बार भूकंप आया। लोगों के सोते ही पहला भूकंप आया और इसकी तीव्रता 7.8 मापी गई, जो कम से कम एक सदी में इस क्षेत्र के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। इसे साइप्रस और काहिरा तक महसूस किया गया। यूरोपियन मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने कहा कि प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि दूसरा बड़ा भूकंप 7.7 तीव्रता का था और 2 किमी की गहराई पर कहारनमारास, तुर्की से 67 किमी (42 मील) उत्तर-पूर्व में था। भूकंप विज्ञानियों द्वारा 100 से अधिक छोटे आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति (IRC) ने सीरिया में मानवीय सहायता के लिए धन में वृद्धि का आह्वान करते हुए कहा है कि देश के उत्तर-पश्चिम में बहुत से लोग पहले ही 20 बार विस्थापित हो चुके हैं।

भारत ने तुर्की को भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप भेजी

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की गई घोषणा के कुछ घंटों बाद भारत ने भूकंप राहत सामग्री(earthquake relief material) की पहली खेप तुर्की को भारतीय वायु सेना के विमान से भेज दी। शिपमेंट में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के एक एक्सपर्ट और रेसक्यू टीम शामिल है। इसमें पुरुष और महिला दोनों कर्मी, हाईली स्किल्ड डॉग स्क्वॉड, चिकित्सा आपूर्ति की एक यूनट, उन्नत ड्रिलिंग उपकरण और सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक अन्य महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) क्षमताएं कार्रवाई में हैं। भूकंप राहत सामग्री का पहला जत्था एनडीआरएफ सर्च और रेस्क्यू टीम, विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड, चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ तुर्की के लिए रवाना हुआ।"

इससे पहले, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को भूकंप के बाद से निपटने में हर संभव सहायता देने का भी निर्देश दिया।

मोदी ने कहा-तुर्की में भूकंप के कारण जनहानि और संपत्ति के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

भारत में तुर्की के राजदूत फ़िरात सुनेल ने भारत सरकार की सहायता की पेशकश के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि "ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है। उन्होंने एक तुर्की कहावत का भी उल्लेख किया, "दोस्त करा गुंडे बेली ओलुर-Dost kara gunde belli olur, जिसका अर्थ है कि ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है।

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