छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान में CRPF की खोजी कुतिया रोलो शहीद हो गई। मधुमक्खियों के हमले में उसकी मौत हो गई। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया।

Anti Naxal operation: छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कोरगोटालू पहाड़ियों पर सुरक्षा बलों के पिछले दिनों सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान CRPF की 2 साल की मादा खोजी कुतिया रोलो की मौत हो गई। उसपर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला किया था। उसे करीब 200 मधुमक्खियों ने डंक मारा।

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अधिकारियों ने बताया कि रोलो को 11 मई को समाप्त हुए 21 दिनों के अभियान के दौरान विस्फोटकों और आईईडी को सूंघने का काम सौंपा गया था। 27 अप्रैल को उसकी मौत हुई। CRPF के DG ने रोलो को मरणोपरांत प्रशस्ति पदक से सम्मानित किया।

CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 31 नक्सलियों को मारा

नक्सल विरोधी अभियान के दौरान CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस इकाइयों के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने 31 माओवादियों को मार गिराने का दावा किया है। यह नक्सलियों के सशस्त्र कैडरों के लिए बड़ा झटका है। इस अभियान में 18 जवान घायल हुए। इनमें से कुछ के पैर विस्फोट में लगी चोटों के कारण काटने पड़े। सुरक्षा बलों ने कहा कि यह माओवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा समन्वित अभियान है।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर हैं कोरगोटालू पहाड़ियां

बता दें कि कोरगोटालू पहाड़ियां छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा (दोनों राज्यों के क्रमशः बीजापुर और मुलुगु जिले) पर स्थित हैं। यहां नदी-नालों का जाल है। इसके साथ ही प्राकृतिक गुफाएं हैं जिसमें नक्सली छिपते हैं। इस इलाके में भालू, कीड़े और मधुमक्खियों सहित जंगली जानवरों का खतरा रहता है। घने जंगल इस इलाके को नक्सलियों के लिए आदर्श ठिकाना बनाते हैं।

रोलो बेल्जियन शेफर्ड डॉग थी। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया था। रोलो के हैंडलर ने उसे पॉलीथीन शीट से ढका, लेकिन मधुमक्खियां अंदर घुस गईं और उसे काट लिया। उसे करीब 200 मधुमक्खियों ने डंक मारा जिससे वह बेहोश हो गई। उसे मौके से निकाला गया और इलाज किया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी।