गुरुग्राम में वर्चुअल नंबरों के ज़रिए हो रही साइबर ठगी का भंडाफोड़ हुआ है। एयरटेल के दो मैनेजरों को 500 से ज़्यादा वर्चुअल नंबर चीन के साइबर अपराधियों को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

Gurugram Virtual number scam: देश में बढ़ते साइबर क्राइम में टेलीकॉम कंपनियों के कई अधिकारी लिप्त हैं। गुरुग्राम को साइबर अपराधियों को वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराने के आरोप में दो मैनेजर्स को अरेस्ट किया गया है। एयरटेल के दोनों मैनेजरों ने मिलकर पांच सौ से अधिक वर्चुअल नंबर्स चीन के साइबर क्रिमिनल्स को दे दिए थे। ये सभी नंबर गुरुग्राम एसटीडी कोड वाले थे। इंडोनेशिया और चीन के साइबर क्रिमिनल्स इन नंबर्स का इस्तेमाल कर लोगों के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड करते थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब एयरटेल ने भी अपने आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

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गुरुग्राम पुलिस ने एयरटेल के दो मैनेजरों नीरज वालिया और हेमंत शर्मा को अरेस्ट किया है। इन पर गुरुग्राम एसटीडी कोड वाले वर्चुअल नंबर्स को अवैध तरीके से इंडोनेशिया और चीन के साइबर क्रिमिनल्स को उपलब्ध कराने का आरोप है।

कैसे हुआ फ्रॉड?

एक महिला को पहले होटल के रिव्यू पोस्ट करने के लिए 200 रुपये का भुगतान किया गया। फिर उस महिला को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। महिला को एक टास्क देकर कुछ पैसे जमा करने और उसके कई गुना अमाउंट देने का वादा किया जाता। कुछ ही देर में महिला को उस अमाउंट का जितना गुना रिटर्न बताया जाता, वह दे दिया जाता। पहले एक-दो राउंड में उसे अधिक रिटर्न देकर भरोसा जीता। फिर हर ट्रांसफर के बाद उसके वर्चुअल अकाउंट में रकम बढ़ती दिखाई दी जब महिला को अधिक अमाउंट लगा तो उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो धोखेबाजों ने सभी ट्रांजैक्शन ब्लॉक कर दिए।

महिला ने दर्ज कराई शिकायत

पीड़िता ने इस मामले को पुलिस तक पहुंचाया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर 10,000 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। उससे संपर्क करने के लिए जिस नंबर का इस्तेमाल किया गया, उसका एसटीडी कोड गुरुग्राम का था। पुलिस ने महिला की शिकायत पर जांच शुरू की तो पता चला कि पीड़िता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किया गया वर्चुअल फोन नंबर एक फर्जी कंपनी एकमदर्श सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का था। इस कंपनी का पता दुंदाहेड़ा में दर्ज था लेकिन मौके पर ऐसी कोई कंपनी नहीं मिली।

फिर पुलिस ने एयरटेल कंपनी द्वारा जारी नंबर्स की जांच की

नंबर जिस कंपनी को जारी हुआ था वह फर्जी होने के बाद पुलिस और साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन टीम ने एयरटेल कंपनी में जांच शुरू की तो पता चला कि एयरटेल के दो मैनेजर्स ने वर्चुअल नंबर्स को जारी किया था। वर्चुअल नंबर एयरटेल के मैनेजर नीरज और हेमंत ने जारी किया था। एसीपी प्रियांशु दिवान ने बताया: नीरज साइट वेरिफिकेशन का काम देखता था जबकि हेमंत उसकी टीम का लीडर था। दोनों ने ट्राई नियमों का उल्लंघन करते हुए फर्जी कंपनी को डीआईडी (डायरेक्ट इनवर्ड डायलिंग) वर्चुअल नंबर जारी किया। दोनों मैनेजरों ने इंडोनेशिया की एक कंपनी को 530 वर्चुअल नंबर जारी किए थे जिनमें से कई नंबर चीन के धोखेबाजों को भी दिए गए थे।

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