दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि फिल्म “नायक” के लिए लिखे गए स्क्रीनप्ले पर पहला अधिकार दिग्गज सत्यजीत रे का है।

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय सिनेमा के दिग्गज राइटर सत्यजीत रे द्वारा फिल्म “नायक” के लिए लिखे गए स्क्रीनप्ले पर उनके कॉपीराइट को मान्यता दे दी है। सुनवाई के दोरान न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने फिल्म निर्माता आरडी बंसल के परिवार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि फिल्म के साथ-साथ उसके स्क्रीनप्ले पर भी उनका कॉपीराइट है।

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कोर्ट ने कहा, ‘उन्हें सत्यजीत रे के बेटे संदीप रे और सोसाइटी फॉर प्रिजर्वेशन ऑफ सत्यजीत रे आर्काइव्स (SPSRA) द्वारा दिए गए लाइसेंस के आधार पर थर्ड पार्टी द्वारा "स्क्रीनप्ले के नोवलाइजेशन" को रोकने का कोई अधिकार नहीं है।’

बता दें कि वादी परिवार ने अपने मुकदमे में कहा था कि सत्यजीत रे को आरडी बंसल ने कॉपीराइट अधिनियम के विपरीत फिल्म ‘नायक’ की पटकथा लिखने और डायरेक्ट करने के लिए नियुक्त किया था और भास्कर चट्टोपाध्याय ने स्क्रीनप्ले के नोवलाइजेशन और डिफेंडेंट हार्पर कॉलिन्स पब्लिशर्स इंडिया ने इसके पब्लिश किया गया था।

कोर्ट ने कहा स्क्रीनप्ले पर पहला हक राइटर का

अदालत ने कहा कि लेखक होने के नाते स्क्रीनप्ले और उसके नोवलाइजेशन पर पहला अधिकार सत्यजीत रे का है। उसके बाद उनके बेटे और SPSRA थर्ड पार्टी को यह अधिकार प्रदान कर सकते हैं।

कोर्ट ने निष्कर्ष दिया कि कॉपीराइट अधिनियम की धारा 17 के तहत, फिल्म नायक की पटकथा के लेखक के रूप में सत्यजीत रे कॉपीराइट के पहले हकदार थे। इसलिए वादी का यह तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि उसके कॉपी राइट पर उसका अधिकार है। 

स्क्रीनप्ले लिखने में हरि शंकर का कोई योगदान नहीं

इसके बाद कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया।अदालत के मुताबिक इसमें कोई विवाद नहीं है कि फिल्म का स्क्रीनप्ले पूरी तरह से सत्यजीत रे ने तैयार किया था और निर्माता ने इसमें कोई योगदान नहीं दिया।

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