दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की आप सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा कि 18 दिनों के इंतजार के बाद शादियों में शामिल होने वालों की संख्या पर रोक क्यों लगाई गईं? दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जुर्माने की राशि मास्क नहीं पहनने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने वालों पर लगाम कसने के लिए कारगर नहीं है।

नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की आप सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा कि 18 दिनों के इंतजार के बाद शादियों में शामिल होने वालों की संख्या पर रोक क्यों लगाई गईं? दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जुर्माने की राशि मास्क नहीं पहनने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने वालों पर लगाम कसने के लिए कारगर नहीं है।

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"आप नींद से जागकर उठे हैं"
कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, इतने दिनों में कोरोना से न जाने कितने लोगों की जान चली गई। आप नींद से जागकर उठे हैं। जब हमने सवाल किए, तब आप हरकत में आए। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोविड -19 स्पाइक से निपटने के दिल्ली सरकार के हालिया उपायों पर फटकार लगाते हुए पूछा, शादियों में लोगों की संख्या को सीमित करने के लिए आपने 18 दिनों तक इंतजार क्यों किया? इस दौरान कोविड -19 से कितनों की जान चली गई।

बुधवार को दिल्ली में कोरोना से सबसे अधिक मौत दर्ज की गई। यहां एक दिन में 131 लोगों की मौत हुई, जबकि दिल्ली में कोरोनोवायरस के कुल मामलों ने 5 लाख का आंकड़ा पार कर लिया। 

कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए अर्धसैनिक बलों के 45 डॉक्टर और 160 पैरामेडिक्स दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली में कोरोनोवायरस के मामलों में वृद्धि जारी है। केजरीवाल सरकार ने कहा कि एक और लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकता क्योंकि यह कोई समाधान नहीं है। दिल्ली सरकार ने 31 अक्टूबर को 200 व्यक्तियों को विवाह समारोहों में शामिल होने की अनुमति दी थी।