दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड में 23 लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस अगले हफ्ते चार्जशीट दाखिल कर सकती है। जांच में फोरेंसिक रिपोर्ट, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है। मालिक समेत 3 गिरफ्तार हैं।

नई दिल्ली [भारत], 1 जुलाई (एएनआई): वरिष्ठ पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि दिल्ली पुलिस दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के संबंध में अगले हफ्ते चार्जशीट दाखिल कर सकती है। इस हादसे में कई विदेशी नागरिकों सहित 23 लोगों की जान चली गई थी।

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अगले हफ्ते दाखिल होगी चार्जशीट

सूत्रों के अनुसार, जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। जांचकर्ता फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और जांच के दौरान एकत्र किए गए अन्य तकनीकी सबूतों की गहन जांच के बाद चार्जशीट को अंतिम रूप दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह दस्तावेज अगले हफ्ते सक्षम अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

घटना के बाद पुलिस ने होटल के मालिक, मैनेजर और एक कुक को गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा मानदंडों और अन्य वैधानिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन सामने आया।

मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में 3 जून को भीषण आग लगी थी, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। सूत्रों का कहना है कि चार्जशीट में त्रासदी तक ले जाने वाली घटनाओं का सटीक क्रम, संस्थागत खामियां, आरोपियों की विशिष्ट भूमिका और एकत्र किए गए सबूतों का विवरण होगा। अदालत द्वारा चार्जशीट का संज्ञान लेने के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू होगी।

आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी

22 जून को, साकेत कोर्ट ने 'फ्लोरिश स्टे' होटल के मालिक लवकेश बजाज, केशव नेगी और जय मिश्रा की न्यायिक हिरासत अगले 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। उन्हें मालवीय नगर होटल अग्निकांड से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 22 लोग मारे गए थे। ड्यूटी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (ड्यूटी जेएमएफसी) अंकिता भाटिया ने तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 6 जुलाई तक बढ़ा दी। न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।

दिल्ली पुलिस ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए एक आवेदन दिया था, जिसमें कहा गया था कि जांच जारी है और आरोपियों की आगे की न्यायिक हिरासत आवश्यक है।

जांच में सुरक्षा में भारी खामियों का खुलासा

जांच के दौरान, अधिकारियों ने कथित तौर पर इमारत के फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में कई सुरक्षा उल्लंघनों और गंभीर कमियों का पता लगाया। सूत्रों के अनुसार, इमारत की खिड़कियां और कांच के पैनल पूरी तरह से सील थे, जिससे धुएं के निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि बेसमेंट का प्रवेश द्वार अंदर से बंद था। कथित तौर पर बचाव टीमों को बेसमेंट तक पहुंचने में लगभग 10 मिनट लगे, जहां से बाद में छह से सात लोगों को बचाया गया। जांच में यह भी पता चला है कि इमारत में वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और कोई आपातकालीन निकास द्वार भी नहीं था। सूत्रों के अनुसार, इन कमियों के कारण धुआं पूरी इमारत में तेजी से फैल गया, जिससे लोग अंदर फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के प्रयासों में काफी बाधा आई। (एएनआई)

(Except for the headline, this story has not been edited by Asianet Newsable English staff and is published from a syndicated feed.)