जामिया में हिंसा के दौरान का एक के बाद एक कई वीडियो सामने आए। किसी वीडियो में दिखा कि पुलिस बच्चों की पीट रही है तो कहीं दिखा कि कुछ लोग बसों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस के जॉइंट सीपी प्रदर्शनकारियों से अपील कर रहे हैं कि पत्थर और ट्यूब न मारें।

नई दिल्ली. जामिया में हिंसा के दौरान का एक के बाद एक कई वीडियो सामने आए। किसी वीडियो में दिखा कि पुलिस बच्चों की पीट रही है तो कहीं दिखा कि कुछ लोग बसों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस के जॉइंट सीपी प्रदर्शनकारियों से अपील कर रहे हैं कि पत्थर और ट्यूब न मारें।

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पुलिस ने स्टूडेंट्स से क्या अपील की?
मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप पत्थर न चलाए। लगातार यह पत्थर हम लोगों पर आ रहे हैं। हम आपकी सुरक्षा के लिए हैं। आपके बीच में कुछ बाहर के लड़के हैं। यह बम, पत्थर पर ट्यूबलाइट फेंक रहे हैं। मैं चाहता हूं कि आप लोग बाहर निकले। हम आपकी हिफाजत के लिए हैं। कुछ ऐसा न करे कि लोग बदमान हो। हम लोग किसी पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। मजबूरन हमको बल का प्रयोग करना पड़ेगा। 

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जामिया में क्या हुआ था?
नागरिकता कानून के खिलाफ 15 दिसंबर को जामिया के छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उपद्रव शुरू हुआ, जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने जामिया की लाइब्रेरी और हॉस्टल में घुसकर बच्चों को मारा। उन्हें गेट से बाहर खींचकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान 4 बसों में आग लगाई गई। 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। 

मंगलवार को फिर से हुआ विरोध प्रदर्शन
नागरिकता कानून के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली में एक बार फिर हिंसक प्रदर्शन हुआ। ये हिंसक प्रदर्शन दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर में हुए। यहां हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी नागरिकता कानून का विरोध करने जुटे थे। इस दौरान भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ लिया। वीडियो में दिख रहा है कि एक पुलिसवाले का डंडा छीनकर उसे ही मारा जा रहा है। यहां शुरू में कम संख्या में पुलिसकर्मी होने के चलते प्रदर्शनकारी पुलिस पर हावी हो गए। प्रदर्शनकारी पुलिस को चैलेंज भी कर रहे थे। पुलिस ने 66 फीट रोड पर ट्रैफिक रोक दिया। जाफराबाद, बाबरपुर, सीलमपुर और गोकुलपुरी में मेट्रो स्टेशन के गेट बंद करने पड़े।