डीएमके संगठन सचिव आरएस भारती ने 10 पन्नों के नोटिस को सार्वजनिक किया। नोटिस में कहा गया है कि अन्नामलाई के आरोपों को 'डीएमके फाइल्स' नाम दिया गया है और स्टालिन और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाया गया है।

DMK files defamation case: तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके ने बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट अन्नामलाई को कानूनी नोटिस भेजा है। 'डीएमके फाइल्स' नाम से आरोपों की एक सीरीज बीजेपी ने शुरू की है जिसमें सत्ताधारी पार्टी पर कई बड़े आरोप लगाए गए हैं। बीजेपी राज्य प्रमुख के.अन्नामलाई द्वारा सीरीज के फर्स्ट पार्ट को जारी करते ही डीएमके ने कानूनी नोटिस भेज माफी मांगने की मांग करने के साथ 500 करोड़ रुपये के हर्जाना की मांग की है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दस पन्नों की नोटिस...

डीएमके संगठन सचिव आरएस भारती ने 10 पन्नों के नोटिस को सार्वजनिक किया। नोटिस में कहा गया है कि अन्नामलाई के आरोपों को 'डीएमके फाइल्स' नाम दिया गया है और स्टालिन और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाया गया है। आरोप सारे झूठे, निराधार, मानहानिकारक, काल्पनिक और निंदनीय हैं। डीएमके राज्यसभा सदस्य व सीनियर एडवोकेट पी विल्सन ने नोटिस भेजकर माफी मांगने को कहा है। स्टालिन के खिलाफ अन्नामलाई के 200 करोड़ रुपये भ्रष्टाचार के आरोप का उल्लेख करते हुए नोटिस में कहा गया है कि डीएमके अध्यक्ष को अपने 56 साल के सार्वजनिक जीवन के दौरान किसी भी व्यक्ति से अवैध संतुष्टि के रूप में एक पैसा भी नहीं लिया है। स्टालिन की ओर से अन्नामलाई से बिना शर्त, सार्वजनिक माफी की मांग करने के अलावा उस वीडियो को हटाने को कहा है। पी विल्सन ने कहा कि बीजेपी नेता अन्नामलाई को पांच सौ करोड़ रुपये हर्जाना का आह्वान किया गया है। हर्जाना की रकम मुख्यमंत्री राहत कोष में भुगतान करना होगा। अगर माफी मांगने और हर्जाना की रकम नहीं देते हैं तो डीएमके की ओर से आपराधिक व दीवानी केस किया जाएगा।

चुनाव में जीत नहीं पाई बीजेपी तो गलत आरोप लगा रही

डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने अन्नामलाई पर आरोप लगाते हुए कहा कि चूंकि वह और उनकी पार्टी बीजेपी तमिलनाडु में हुए चुनाव में बिल्कुल असफल रही तो वह डीएमके को बदनाम करने और प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास कर रही है। अन्नामलाई दुर्भावना से हमारी पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ लगातार मानहानिकारक और निंदनीय बयान दे रहे हैं। भारती ने कहा कि अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और उन्हें बदनाम करने के इरादे से ऐसे आरोप लगाए।

यह भी पढ़ें:

अतीक अहमद मर्डर केसः योगी आदित्यनाथ ने दिए न्यायिक जांच के आदेश, यूपी में हाई अलर्ट