नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने मंगलवार(2 अगस्त) को दिल्ली स्थित उसके दफ्तर पर छापा मारा है। यह कार्रवाई सोनिया और राहुल गांधी से पूछताछ के बाद की गई है। इससे लगता है कि गांधी परिवार के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।

नई दिल्ली.नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने मंगलवार(2 अगस्त) को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ED ने दिल्ली स्थित नेशनल हेराल्ड के दफ्तर सहित 12 ठिकानों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई सोनिया और राहुल गांधी से पूछताछ के बाद की गई है। इससे लगता है कि गांधी परिवार के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। यह मामला वर्ष, 2012 में भाजपा के सीनियर लीडर सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में उठाया था। यह कार्रवाई नेशनल हेराल्ड के ऑफिस समेत 10 ठिकानों पर की गई है। बता दें कि पिछले दिनों सोनिया गांधी से ED ने अलग-अलग दिन 12 घंटे पूछताछ की थी। उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे थे। पहली बार सोनिया 21 जुलाई को ED दफ्तर हाजिर हुई थीं। उनसे 3 घंटे पूछताछ की गई थी। 26 जुलाई को 6 घंटे तक सवाल किए गए थे। बीते बुधवार को ईडी ने सोनिया से 3 घंटे पूछताछ की थी।

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आखिर ये है क्या नेशनल हेराल्ड मामला?
बीजेपी के सीनियर लीडर सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में ट्रायल कोर्ट में पिटीशन दायर कर आरोप लगाया था कि राहुल-सोनिया गांधी सहित कुछ अन्य नेताओं ने गलत तरीके से यंग इंडिया लिमिटेड (YIL) के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) का टेकओवर किया।ये सब दिल्ली स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपए की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था।

कांग्रेस ने 1938 में एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) नामक कंपनी बनाई थी। यही कंपनी नेशनल हेराल्ड अखबार पब्लिश करती थी। 

26 फरवरी 2011 को AJL पर 90 करोड़ से ज्यादा का कर्ज बताया गया था। इसे ही उतारने यंग इंडिया लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी खड़ी की गई। इसमें राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी 38-38% बताई जाती है। 

यंग इंडिया को AJL के 9 करोड़ शेयर दिए थे। जांच में पता चला है कि इसमें पैसों का हेरफेर हुआ। ED इसी मामले की जांच कर रही है। लेकिन कांग्रेस इसे एक राजनीति प्रतिशोध बताकर विरोध कर रही है।

ED के खिलाफ कांग्रेस करती आई है विरोध
ED द्वारा राहुल गांधी और सोनिया गांधी से पूछताछ का कांग्रेस विरोध करती आई है। जब-जब राहुल-सोनिया को पूछताछ के लिए ED दफ्तर बुलाया गया, कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। हालांकि पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए थे। पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस को लगता है कि उसे 'डकैती' करने का अधिकार है और किसी को इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस के 'सत्याग्रह' के लिए उसकी आलोचना की थी। क्लिक करके पढ़ें पूरी खबर

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