महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस का कार्यकाल 9 नंवबर और हरियाणा में खट्टर का 2 नवंबर को कार्यकाल पूरा होगा।

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को मतदान होगा। दोनों ही राज्यों में 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। बता दें, महाराष्ट्र में 288 सीटों और हरियाणा में 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव होगा। महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस का कार्यकाल 9 नंवबर और हरियाणा में खट्टर का 2 नवंबर को कार्यकाल पूरा हो रहा है।

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महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव की बड़ी बातें...

1- उम्मीदवारों को अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी देनी होगी। अगर वे नामांकन के दौरान इस कॉलम को खाली छोड़ते हैं तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।

2- चुनावी खर्च की निगरानी के लिए पर्यवेक्षक को भेजा जाएगा। 

3- सभी उम्मीदवारों को हथियार जमा कराने होंगे।

4- 2019 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार 28 लाख रु. तक खर्च कर सकते हैं। 

5- सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग खास नजर रखेगा। 

6- चुनाव में पहली बार प्लास्टिक के उपयोग पर रोक। 

7- 5 बूथों पर VVPAT की गणना होगी। 

8-  27 सितंबर को जारी किया जाएगा नामांकन का नोटिफिकेशन। 

9- 4 अक्टूबर को नामांकन की आखिरी तारीख।

10- 7-10 अक्टूबर तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकते हैं। 

11- 21 अक्टूबर को मतदान।

12- 24 अक्टूबर को काउंटिंग।

13- हरियाणा में इस बार 1.28 करोड़ वोटर्स।

14- हरियाणा में 1.3 लाख EVM मशीन का इंतेजाम किया गया है। 

15- महाराष्ट्र में इस बार 8.94 करोड़ वोटर्स हैं। 1.8 लाख EVM का इंतेजाम किया गया है। 

महाराष्ट्र- 2014 में भाजपा-शिवसेना ने अलग-अलग लड़ा था चुनाव 

महाराष्ट्र में 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-शिवसेना में गठबंधन टूट गया था। दोनों दलों ने 25 साल बाद अलग-अलग चुनाव लड़ा था। भाजपा को 122 और शिवसेना को 63 सीटें मिली थीं। वहीं, कांग्रेस-राकांपा के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता नहीं हो पाया। इन दोनों दलों ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ा था।

2014 में हरियाणा में बीजेपी को बहुमत

हरियाणा में 2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहले हरियाणा जनहित कांग्रेस से गठबंधन किया लेकिन चुनाव से पहले ही बीजेपी ने ये गठबंधन तोड़ दिया और सभी 90 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ा। पार्टी 47 सीटें जीतने में सफल रही। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका था, जब भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बन पाई।