कर्नाटक में हाल ही में हुए राजनीतिक उठापटक में अपनी कुर्सी गंवा चुके पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी राजनीति से सन्यास लेने के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि वे राजनीति में एक्सीडेंटली आए थे और एक्सीडेंटली ही मुख्यमंत्री बन गए।

बेंगलुरु. कर्नाटक में हाल ही में हुए राजनीतिक उठापटक में अपनी कुर्सी गंवा चुके पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी राजनीति से सन्यास लेने के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि वे राजनीति में एक्सीडेंटली आए थे और एक्सीडेंटली ही मुख्यमंत्री बन गए। कुमारस्वामी ने कहा कि भगवान ने उन्हें दो बार सीएम बनने का मौका दिया। वे यहां किसी को संतुष्ट करने नहीं आए थे। उन्होंने राज्य के विकास के लिए अच्छा काम किया और वे इससे संतुष्ट हैं।

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दरअसल, कर्नाटक में मई 2018 में कांग्रेस-जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाई थी। कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन 14 महीने बाद जुलाई में कांग्रेस-जेडीएस के 15 बागी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके चलते सरकार अल्पमत में आ गई। इसके बाद 23 जुलाई को हुए फ्लोर टेस्ट में कुमारस्वामी सरकार गिर गई थी। इसके बाद अब राज्य में भाजपा ने सरकार बनाई है। बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री हैं।

आज की राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं- कुमारस्वामी
कुमारस्वामी ने कहा कि वे इस बात पर गौर कर रहे हैं कि किस तरह की राजनीति आजकल हो रही है। उन्होंने कहा, ''यह अच्छे लोगों के लिए नहीं है। यह जातिगत राजनीति है। मैं इस्तीफा दे चुका हूं। अब मुझे शांति से रहने दो। मैं राजनीति में अब और नहीं रहना चाहता। जब मैं सत्ता में था, मैंने अच्छा किया। मैं लोगों के दिलों में जगह चाहता हूं।''