सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन का बुधवार (21 फरवरी) को नई दिल्ली में 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल दुख जताया।

फली एस नरीमन। प्रसिद्ध संवैधानिक न्यायविद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन का बुधवार (21 फरवरी) को नई दिल्ली में 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर कहा कि फली नरीमन भारत के एक महान सपूत का निधन हो गया। न केवल हमारे देश के सबसे महान वकीलों में से एक, बल्कि सबसे बेहतरीन इंसानों में से एक थे। वो एक महान व्यक्ति की तरह खड़े थे।कोर्ट के गलियारे उनके बिना कभी भी पहले जैसा न रहेगा और न हो सकता है। उनकी आत्मा को शांति मिले।

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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दुख जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता और संवैधानिक नागरिक स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक फली एस नरीमन के निधन से कानूनी व्यवस्था को बड़ी क्षति पहुंची है। अपने सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता दृढ़ और सराहनीय रही है। उनके परिवार, दोस्तों और उनके चाहने वालो के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं है। उनकी आत्मा को शांति मिलें।

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फली एस नरीमन की उपलब्धियां

फली एस नरीमन का जन्म 10 जनवरी, 1929 को म्यांमार में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस शुरू की। वहीं नवंबर 1950 में नरीमन बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील बन गए। इसके बाद 1961 में वरिष्ठ वकील का ओहदा हासिल किया। वो 1972 में दिल्ली आने के पहले शुरुआत में बॉम्बे हाई कोर्ट में काम किया था। दिल्ली आने के बाद उन्होंने भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में काम किया। 

उनकी उम्र जब 38 साल से कम थी तो उन्होंने हाई कोर्ट के जज बनने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था। फली एस नरीमन ने 1991 से 2010 तक बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया था। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित देश के कुछ सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।

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