कोरोना महामारी ने लोगों के जेहन में दहशत पैदा कर दिया है। बीमारी और मौत की खबरों से लोग अवसादग्रस्त हो रहे हैं। हर ओर कोविड की नकारात्मक सूचनाओं के बीच इससे जुड़ी कई ऐसी सूचनाएं आ रही हैं जिससे मन में सकारात्मकता का संचार हो रहा है। आइईए जानते हैं पांच ऐसी पाॅजिटिव खबरें जो दहशत भरे माहौल में सुकून देने वाली हैं...

नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने लोगों के जेहन में दहशत पैदा कर दिया है। बीमारी और मौत की खबरों से लोग अवसादग्रस्त हो रहे हैं। हर ओर कोविड की नकारात्मक सूचनाओं के बीच इससे जुड़ी कई ऐसी सूचनाएं आ रही हैं जिससे मन में सकारात्मकता का संचार हो रहा है। आइईए जानते हैं पांच ऐसी पाॅजिटिव खबरें जो दहशत भरे माहौल में सुकून देने वाली हैं...

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

1- कोविड को मात देने बाद बचाई 40 जिंदगियां

पुणे के रहने वाले 50 वर्षीय अजय मुनोत जुलाई 2020 में कोविड संक्रमित हो गए थे। संक्रमण को मात देने के बाद मुनोत ने लोगों की जान बचाने की ठानी। डाॅक्टर्स ने बताया कि कोविड से ठीक हुए लोग प्लाज्मा डोनेट कर मरीजों की जान बचा सकते हैं तो अजय मुनोत ने भी प्लाज्मा देना शुरू किया। वह नौ महीने में 14 बार प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं। आमतौर पर स्वस्थ आदमी 14 दिनों में एक बार प्लाज्मा डोनेट कर सकता है। अजय मुनोत बताते हैं कि अपनी मां की प्रेरणा से वह कोविड को मात देने के बाद लगातार प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। 15वीं बार डोनेट करने की तैयारी में हैं। करीब 40 लोगों की जान बचाने वाले अजय मुनोत की उपलब्धि अब ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ ने दर्ज किया है। इनके पहले यह रिकार्ड इंग्लैंड के एक व्यक्ति के नाम था। 

2- बंगाल की बेटी का मास्क कोरोना को मार डालेगा

कोविड संक्रमण को खत्म करने के लिए एक पाॅजिटिव न्यूज पश्चिम बंगाल से है। वर्धमान की 12वीं की छात्रा दिगांतिका बोस ने देश को संक्रमण से बचाने वाला एक मास्क बनाया है। इस मास्क को मुंबई के गूगल म्यूजियम डिजाइन एक्सीलेंस में प्रदर्शित किया जाएगा। 
इंडिया टुडे से खास बातचीत में दिगांतिका ने कहा कि उसके बनाए मास्क में तीन चेंबर हैं। इसमें निगेटिव आयन जेनरेटर है, जो हवा में धूल के कणों को फिल्टर करता है। जब फिल्टर की गई हवा दूसरे चेंबर में जाती है, यह हवा तीसरे चेंबर में जाती है, जो कैमिकल चेंबर है जिसमें साबुन और पानी का मिश्रण होता है। यह कोरोना वायरस को मार सकता है।


3- खतरनाक वैरिएंट पर भी वैक्सीन असरदार

नई दिल्ली। भारत में कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है। अक्तूबर में देश में मिला बी-1617 वेरिएंट काफी संक्रामक पाया गया है। डब्ल्यूएचओ की प्रमुख मारिया वैन केरखोव ने बताया कि बी-1617 वेरिएंट पर एंटीबाॅडीज का असर काफी कम है लेकिन वैक्सीन हर प्रकार के वायरस पर प्रभावकारी है। डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि भारत में कोरोना फैलने की दर और मौतें चिंताजनक है। लेकिन यह सिर्फ आंकड़ों पर कहा गया है। इसमें बदलाव की पूरी संभावना है और संक्रमण को पूरी तरह कम किया जा सकता है।


4- अब RT-PCR रिपोर्ट ट्रेवेल के लिए आवश्यक नहीं

देश में कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आ रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड के मामले कम होने के बाद केंद्र सरकार ने आरटी-पीसीआर टेस्ट में छूट दे दी है। अब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए आरटी-पीसीआर जरूरी नहीं होगा। नई गाइडलाइन के अनुसार अगर पांच दिनों तक बुखार नहीं आया तो हास्पिटल से उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 


5- तेलंगाना में घर-घर पहुंच कोविड को मात देने की तैयारी

तेलंगाना सरकार ने मुंबई माॅडल की तरह ही पूरे राज्य में कोविड को मात देने की तैयारी कर ली है। सरकार ने घर-घर फीवर सर्वे कराना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर एक-एक सदस्य का टेंपरेचर ले रहे हैं। और लक्षण मिलने पर तत्काल होम आइसोलेशन करा रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मी मौके पर ही लक्षण वाले व्यक्ति को आईसोलेशन किट दे रहे हैं। डोर-टू-डोर सर्वेक्षण से अधिक टेंपरेचर वाले व्यक्ति की पहचान हो जा रही है और उस क्षेत्र को बढ़िया तरीके से सैनिटाइज करने के साथ साथ स्वास्थ्य टीम की निगरानी में डाल दी जा रही है। इस सर्वे में राज्य में 20955 टीमें लगाई गई हैं। 

Asianet News काविनम्रअनुरोधःआईएसाथमिलकरकोरोनाकोहराएं, जिंदगीकोजिताएं...जबभीघरसेबाहरनिकलेंमाॅस्कजरूरपहनें, हाथोंकोसैनिटाइजकरतेरहें, सोशलडिस्टेंसिंगकापालनकरें।वैक्सीनलगवाएं।हमसबमिलकरकोरोनाकेखिलाफजंगजीतेंगेऔरकोविडचेनकोतोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona