लद्दाख बॉर्डर पर चीन के साथ चल रही टेंशन के बीच आज सैन्य स्तर की बैठक होने वाली है। इस बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि भारत को चीन का मुकाबला करने के लिए तैयार होना ही होगा।

नई दिल्ली. लद्दाख बॉर्डर पर चीन के साथ चल रही टेंशन के बीच आज सैन्य स्तर की बैठक होने वाली है। इस बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि भारत को चीन का मुकाबला करने के लिए तैयार होना ही होगा। जयशंकर का यह बयान चीन के साथ 5वें दौर की बातचीत से पहले आया। बताया जा रहा था कि यह बातचीत पहले रद्द हो गई थी, लेकिन अब यह आज सुबह 11 बजे होनी है।

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विदेश मंत्री ने कही ये बात 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान चीन के मुद्दे पर एस जयशंकर बोले कि चीन के साथ संतुलन तक पहुंचना आसान नहीं है। भारत को इसका विरोध करना होगा और मुकाबले के लिए खड़ा होना ही होगा। चीन को संदेश देते हुए जयशंकर ने यह भी साफ कर दिया कि बॉर्डर पर चीन की हरकतों का असर व्यापार पर भी पड़ना तय है। विदेश मंत्री ने कहा कि बॉर्डर की स्थिति और देश के रिश्तों को अलग-अलग करके नहीं रखा जा सकता। यही सच्चाई है।

पहले कैंसिल हो गई थी मीटिंग 

जयशंकर का यह बड़ा बयान ऐसे वक्त में आया है, जब चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह लद्दाख में अपनी सेना को पीछे लेकर जाने की बात करता तो है, लेकिन ऐसा असल में वहां होता नहीं दिखता है। इसके चलते पांचवे दौर की सैन्य मीटिंग पहले कैंसल हो गई थी। हालांकि, अब सुबह 11 बजे यह मीटिंग होनी है।

बदल रहे भारत के अमेरिका के साथ रिश्ते: जयशंकर

विदेश मंत्री ने इस दौरान अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों पर भी बात की। वह बोले कि यूएस संग रिश्ते बदल रहे हैं। जयशंकर बोले कि भारत अमेरिका का परपंरागत साथी नहीं है, लेकिन अब संबंध बेहतर हैं। जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ भारत के रिश्ते द्वीपक्षीय हैं। अगर अमेरिका संग रिश्तों के संदर्भ में इसे देखा जाएगा तो अंदाजा गलत हो सकता है।