50 लाख के कर्ज से बचने के लिए एक गुजराती कारोबारी ने केरल में अपनी मौत का नाटक किया। पुलिस ने उसे बेंगलुरु में उबर ड्राइवर के रूप में काम करते हुए पाया।

बेंगलुरु: लाखों का कारोबार करने वाला गुजरात का एक बिजनेसमैन। वह अपने बिजनेस के सिलसिले में एक डील के लिए केरल गया था। वहां उसने रबर बैंड समेत दूसरे प्रोडक्ट्स के बिजनेस पर बातचीत की। डील के बाद, उसने अपनी पत्नी को एक नदी की फोटो भेजी और मैसेज किया कि 'अब जीने का मन नहीं'। पत्नी घबराकर केरल पहुंची और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने खोजबीन शुरू की। नदी के पास बिजनेसमैन की डायरी और कुछ सामान मिला। गोताखोरों को बुलाकर नदी में तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पति के नदी में कूदने का शक गहराने लगा था। लेकिन, पुलिस की जांच में एक दिलचस्प मोड़ आया। केरल पुलिस सीधे बेंगलुरु पहुंची और तलाशी के दौरान वही बिजनेसमैन उबर ड्राइवर के तौर पर काम करता हुआ मिला।

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हुनानी सिराज अहमद भाई का केरल टूर

गुजरात का कारोबारी हुनानी सिराज अहमद भाई रबर बिजनेस के लिए केरल के पलक्कड़ जिले के शोरानूर आया था। उसने कुछ रबर कंपनियों और डीलरों से मुलाकात कर बातचीत की। डील पक्की करने के बाद उसने गुजरात में एक बड़े बिजनेस का प्लान भी बताया था।

पत्नी को व्हाट्सएप मैसेज

सिराज अहमद भाई ने अपनी पत्नी को व्हाट्सएप पर एक फोटो और एक मैसेज भेजा। उसने केरल की मशहूर भारतपुझा नदी के पास से अपनी एक फोटो भेजी थी। साथ में एक मैसेज भी भेजा, जिसका मतलब था कि 'अब और नहीं जीना'। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। सिराज का कोई पता नहीं चल रहा था और न ही उससे कोई संपर्क हो पा रहा था।

केरल पुलिस ने शुरू की तलाश

पत्नी की शिकायत पर केरल पुलिस ने तलाश शुरू की। उन्होंने गोताखोरों को बुलाकर 2 दिनों तक नदी में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो पता चला कि सिराज अहमद नदी किनारे से वापस लौट गया था। आगे की जांच में मालूम हुआ कि वह बेंगलुरु चला गया है। केरल पुलिस की टीम बेंगलुरु पहुंची और तलाश शुरू की। यहां सिराज अहमद एक उबर ड्राइवर के तौर पर काम करता हुआ मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपनी मौत का नाटक करने के पीछे की पूरी कहानी बताई।

50 लाख का कर्ज, चुका नहीं पाने पर मौत का नाटक

बिजनेस में उस पर 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। वह कर्ज देने वालों के रोज-रोज के तकादे से परेशान हो गया था। इसलिए उसने अपनी मौत का नाटक किया ताकि वह कहीं और जाकर गुमनामी की जिंदगी जी सके। पुलिस ने उसे जिला अदालत में पेश किया, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। कर्ज से बचने के लिए रचा गया यह नाटक उल्टा पड़ गया। अब खबर है कि उसकी पत्नी ने कर्ज चुकाने के लिए समय मांगा है।