महिलाओं का यह अब तक का सबसे बड़ा दल है जो बिना किसी पुरुष सदस्य के अकेले हज पर जा रहा है।

Haj Yatra: भारत से हज को जाने वाले यात्रियों की संख्या डेढ़ लाख के करीब पहुंच चुकी है। इस साल हज यात्रियों की संख्या 1.4 लाख को पार कर गई है। हज करने के लिए इस बार महिलाओं का सबसे बड़ा ग्रुप जा रहा है जो बिना महरम के जा रहा है। इस बार हज करने वालों के लिए सरकार ने कैशलेस तीर्थयात्रा की विशेष व्यवस्था की है। सभी हज तीर्थयात्रियों को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा एक विदेशी मुद्रा कार्ड प्रदान किया जाएगा।

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महिलाओं का सबसे बड़ा दल इस बार बिना महरम के हज करेगा

इस बार हज में 45 साल से ऊपर की 4300 से अधिक महिलाओं का ग्रुप यात्रा करने जा रहा है। यह महिलाएं बिना महरम (पुरुष साथी) के हज करने जा रही हैं। इस साल हज करने के लिए 1.8 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। हज के लिए आवेदन और चयन ऑनलाइन किया गया है। चुने गए 1.4 लाख तीर्थयात्रियों में से 10,621 70 साल से अधिक आयु वर्ग में हैं। 45 वर्ष से ऊपर की 4,314 महिलाएं महरम (पुरुष साथी) के बिना यात्रा कर रही हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि महिलाओं का यह अब तक का सबसे बड़ा दल है जो बिना किसी पुरुष सदस्य के अकेले हज पर जा रहा है।

कैशलेस होगी व्यवस्था, एसबीआई देगा फॉरेक्स कार्ड

हज करने वालों के लिए सरकार ने कैशलेस तीर्थयात्रा की विशेष व्यवस्था की है। यात्रियों की विदेशी मुद्रा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी हज तीर्थयात्रियों को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा एक विदेशी मुद्रा कार्ड प्रदान किया जाएगा। मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को सबसे प्रतिस्पर्धी दरों पर विदेशी मुद्रा सुविधाएं प्रदान करने के लिए एसबीआई के साथ विशेष व्यवस्था की है। पिछले वर्षों में हज समिति द्वारा प्रत्येक तीर्थयात्री को 2100 रियाल उपलब्ध कराए जाते रहे हैं। लेकिन हज नीति 2023 तीर्थयात्रियों को अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार अपनी विदेशी मुद्रा की व्यवस्था करने का विकल्प देती है। एसबीआई सभी 25 प्वाइंट्स पर स्टालों की व्यवस्था की है। यहां नोडल अधिकारी तीर्थयात्रियों को नकद या कार्ड के माध्यम से फॉरेन करेंसी कलेक्ट करने की सुविधा प्रदान करेंगे।

हज यात्रा का भारत का कोटा पौने दो लाख लोगों का

भारत को इस साल 1.75 लाख हज यात्रियों का कोटा आवंटित किया गया है। हज नीति 2023 के अनुसार कुल कोटा में से 80% हज कमेटी ऑफ इंडिया को आवंटित किया गया है और शेष निजी हज समूह संचालकों को आवंटित किया गया है। तीर्थयात्रा के लिए पहली उड़ान 21 मई को भारत से उड़ान भरेगी।

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