15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। एलएसी पर चीन लगातार उकसावे वाली हरकत कर रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इसका हल नहीं हुआ है।

नई दिल्ली. 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। एलएसी पर चीन लगातार उकसावे वाली हरकत कर रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इसका हल नहीं हुआ है। अब चीन ने तनाव कम करने के लिए भारत के सामने एक शर्त रखी है, इसे भारत ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। 

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दरअसल, चीन का कहना है कि भारत फिंगर- 4 से जितना पीछा लौटे, उतना ही हम पीछे लौटेंगे। यानी इसका मतलब ये हुआ कि भारत फिंगर 4 से फिंगर 1 पर वापस जाए तो चीन फिंगर 4 से हटकर फिंगर 8 पर अपनी सेना कर लेगा। यानी भारत जहां अभी तक फिंगर 8 तक पेट्रोलिंग करता था, वहीं भारत फिंगर 1 पर सीमित हो जाएगा। भारत ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। 

भारत ने कहा- यह नामुमकिन
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चीन भारत को अपनी सीमा से पीछे हटने के लिए कह रहा है। एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा, चीन ने सुझाव दिया है कि भारत और चीन दोनों फिंगर क्षेत्र से पीछे हट जाएं। हालांकि, भारत ने इस पक्ष को अस्वीकार्य कर दिया है। 

क्या है मौजूदा स्थिति?
मई से पहले भारतीय सेना के बेस फिंगर 4 तक मौजूद थे। वहीं, फिंगर 8 तक भारतीय सेना पेट्रोलिंग करती थी। उधर, चीन ने फिंगर 5 से फिंगर 8 तक पांच किमी से अधिक दूरी पर बड़ी संख्या में सैनिक और उपकरण तैनात किए हैं। भारत लगातार चीन से फिंगर इलाका पूरी तरह खाली करने के लिए कह रहा है।