कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसानों का यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कई विदेशी हस्तियों ने ट्वीट कर कृषि आंदोलन का समर्थन किया है। अब किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे विदेशी हस्तियों को भारत सरकार ने जवाब दिया है।  

नई दिल्ली. कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसानों का यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कई विदेशी हस्तियों ने ट्वीट कर कृषि आंदोलन का समर्थन किया है। अब किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे विदेशी हस्तियों को भारत सरकार ने जवाब दिया है। 

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विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, भारत की संसद ने चर्चा के बाद कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कानूनों को पास किया है। इन कानूनों ने किसानों की बाजार तक पहुंच आसान की है और आर्थिक और पारिस्थितिक रूप से स्थायी खेती का मार्ग भी प्रशस्त किया है।

कुछ किसान कर रहे विरोध
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, पूरे देश में कुछ किसान ही इसका विरोध कर रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों के भावों का ध्यान रखते हुए सरकार ने 11 दौर की बातचीत की है। इस बातचीत में कृषि मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल रहे हैं। यहां तक की सरकार ने कृषि कानूनों पर रोक का भी प्रस्ताव दिया है। 

इसके बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ समूहों ने अपने निहित स्वार्थ में इन विरोध प्रदर्शनों को अपने एजेंडे को लागू करने का जरिया बना लिया है। यह भारत के गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को देखा गया था कि राजधानी में किस तरह की हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी। अ

अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कोशिश में जुटे लोग
इन निहित स्वार्थ समूहों में से कुछ ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की भी कोशिश की है। पहले भी सभी देख चुके हैं कि कैसे दुनियाभर को प्रेरित करने वाले महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ कई देशों में दुर्व्यवहार किया गया था। ये घटनाएं भारत और एक सभ्य समाज के लिए बेहद ही परेशान करने वाली हैं।

पुलिसकर्मियों पर हुआ हमला
भारतीय पुलिस बलों ने गणतंत्र दिवस पर इन विरोध प्रदर्शनों को संयम के साथ नियंत्रित किया है। यह भी देखा गया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान किस तरह से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया।

भारत सरकार ने की अपील
मंत्रालय ने कहा, कुछ बड़ी हस्तियों ने किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर सनसनीखेज हैशटैग के साथ टिप्पणी की। यह गैर जिम्मेदाराना थी। क्यों कि ये कानून संसद में चर्चा के बाद संवैधानिक तरीके से पास हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा, इस तरह की टिप्पणी करने वाली हस्तियों से अपील करते हैं कि पहले वे सही तथ्यों की जांच करें, इसके बाद सोशल मीडिया पर संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बात रखें। 

इन विदेशी हस्तियों ने किया था कमेंट
मंगलवार को कैरेबियन पॉप स्टार रिहाना ने एक खबर शेयर की थी। इसमें किसान आंदोलन और सिंघु बॉर्डर पर इंटरनेट बंद होने की खबर थी। उन्होंने लिखा, इस बारे में हम बात क्यों नहीं कर रहे हैं? इसके अलावा पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किया था। उनके अलावा कई विदेशी हस्तियां भी किसान आंदोलन का समर्थन कर चुकी हैं।