डॉ.भार्गव ने बताया कि उनके भाई सहित आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी अवैध हिरासत में हैं। उन्हें कतर पुलिस ने 30 अगस्त की रात को उठाया था। उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं था।

Ex Navy officers detained in Qatar: कतर में चार महीने से बंदी बनाए गए भारत के 8 पूर्व नौसेना अधिकारियों से दूतावास के अधिकारियों ने दूसरी बार मुलाकात की है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों को दूसरी कांसुलर एक्सेस मिली है। दूतावास के अधिकारियों ने बंदियों से मुलाकात कर उनके सही सलामत होने संबंधी जानकारी ली है। आगे ही भारत बंदी पूर्व सैन्य अधिकारियों को सहायता के लिए कांसुलर मीट जारी रखेगा।

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क्या जानकारी दी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि सभी 8 पूर्व नौसेना अधिकारियों से दूतावास की ओर से मुलाकात किया गया है। कई बंदियों के परिवार दोहा में हैं लेकिन तमाम परिवार वीजा नहीं होने की वजह से पहुंच नहीं पा रहे हैं। भारतीय दूतावास व भारत सरकार, सभी पूर्व नौसेना अधिकारियों की मदद कर रहा है। हम लगातार उनके लिए सहायता पहुंचाने का काम जारी रखे हुए हैं। जो परिवार दोहा में हैं उनको बंदियों से मिलवाने के लिए दूतावास लगातार सहायता कर रहा है और जिनको वीजा के अभाव में वहां जाने की अनुमति नहीं मिली है, उनको वहां पहुंचाने के लिए सहायता का प्रयास किया जा रहा है।

दोहा में हिरासत में लिए गए थे 8 पूर्व नेवी अधिकारी

भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारी 30 अगस्त से दोहा में हिरासत में लिए गए थे। दोहा में हिरासत में लिए गए 8 पूर्व नेवी अधिकारियों में ग्वालियर के रहने वाले पूर्व कमांडर पुनेंदु तिवारी भी हैं। उनकी बहन डॉ.मीतू भार्गव ने अपने भाई को वापस लाने के लिए बीते 25 अक्टूबर को पीएम से गुहार लगाई थी। बीते नवम्बर में उन्होंने मीडिया को बताया था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने भाई पूर्व नेवी कमांडर पुनेंदु तिवारी को वापस लाने की अपील कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई सहित 8 पूर्व नेवी अफसर कतर के दोहा में अवैध रूप से हिरासत में हैं। उन्होंने बताया कि उनके रिटायर्ड नेवी कमांडर भाई कतर में अपनी कंपनी डाहरा ग्लोबल कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कतर नेवी केा ट्रेनिंग देने के लिए भेजे गए थे।

डॉ.भार्गव ने बताया कि उनके भाई सहित आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी अवैध हिरासत में हैं। उन्हें कतर पुलिस ने 30 अगस्त की रात को उठाया था। उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं था। न तो कतर सरकार ने हमें बताया और न ही भारत सरकार को उन पर लगाए गए किसी आरोप के बारे में जानकारी है।

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