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1990 के बाद अब 'कश्मीर' हाथ से जाता देख बौखलाए हुए हैं आतंकवादी, इस वजह से Target पर है कश्मीर पंडित

श्रीनगर में गुरुवार को दो स्कूल टीचरों पर हुए आतंकी हमले के बाद घाटी के अल्पसंख्यकों का गुस्सा फूट पड़ा है। 1990 के बाद ऐसा पहली मौका है, जब बौखलाहट में आतंकवादी फिर से कश्मीरी पंडितों को  टार्गेट कर रहे हैं। इसके पीछे ये है वजह...

Jammu and Kashmir terrorism, story behind the attack on Kashmiri Pandits
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Jammu and Kashmir, First Published Oct 8, 2021, 11:14 AM IST
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श्रीनगर. श्रीनगर के ईदगाह संगम इलाके के दो टीचरों पर हुए आतंकी हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बता दें कि गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे स्कूल में घुसकर आतंकवादियों ने प्रिंसिपल सुपिंदर कौर एक अन्य टीचर दीपक चांद के सिर में गोली मार दी थी। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट(TRF) ने ली है। आतंकवादियों ने पहले सभी टीचरों का आईडी कार्ड देखा। इसके बाद मुस्लिम टीचरों को अलग करके इन दोनों को स्टाफ रूम से बाहर ले गए और फिर गोली मार दी।

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सुपिंदर कौर गरीब बच्चों का खर्चा उठाती थीं
आतंकी हमले का शिका बनीं सुपिंदर कौर अपनी आधी सैलरी हर महीने गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च करती थीं। उन्होंने ऐसे बच्चों की परवरिश का जिम्मा अपने परिचित एक मुस्लिम परिवार को सौंप रखा था। इसके लिए वे हर महीने उसे 15 हजार रुपए देती थीं।

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इसलिए बौखलाए हुए हैं आतंकवादी
1990 के बाद यह पहला मौका है, जब कश्मीरी पंडितों की जमीनों पर हुए कब्जे छुड़ाए जा रहे हैं। घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी होते देखकर आतंकवादी बौखलाए हुए हैं। प्रशासन ने सितंबर में एक पोर्टल शुरू किया है, इसमें ऐसी विवादास्पद प्रॉपर्टी को लेकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। श्रीनगर के डीसी मोहम्मद एजाज असद के मुताबिक जिले में ऐसी 660 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 390 हल की जा चुकी हैं। शोपियां में 400 शिकायतें आईं। 

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राहुल के tweet पर भड़के लोग
श्रीनगर में दो टीचरों की हत्या के बाद राहुल गांधी ने एक tweet किया। इसमें लिखा-कश्मीर में हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आतंकवाद न तो नोटबंदी से रुका न धारा 370 हटाने से। केंद्र सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह असफ़ल रही है। हमारे कश्मीरी भाई-बहनों पर हो रहे इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं व मृतकों के परिवारों को शोक संवेदनाएं भेजते हैं। राहुल गांधी के इस tweet पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रियाएं आईं...

#1990 से 2021 के बीच 31 वर्षों में केंद्र में कांग्रेस की 15 साल तक सरकार रही। 1991 से 1996 तक पीवी नरसिम्हा राव की सरकार थी और 2004 से 2014 तक मनमोहन सिंह की सरकार थी। लेकिन कांग्रेस ने कभी कश्मीरी पंडितों और वहां के लोगों के लिए कुछ नहीं किया और आज घड़ियाली आंसू बहा रहे राहुल।

#आप लोग कश्मीरी हिंदुओं से क्यों हमदर्दी जता रहे हैं? और न ही गले मिलने का आयोजन करें। आपको वहां से कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। क्योंकि आज जो कश्मीरी हिंदुओं की हत्याएं हो रही है, उसकी पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस की है।

#पंडित नेहरू की सबसे बड़ी विफलताओं में कश्मीर सबसे ऊपर है, आज उनकी नाकामी के कारण ही देश को कश्मीर में आतंकवाद की समस्या से जूझना पड़ रहा है। चिंता मत कीजिए, कांग्रेस ने इस देश को जितने भी कैन्सर दिए उन सबका इलाज भाजपा ही करेगी, इसका इलाज भी पूर्णतः हो जाएगा ये भरोसा रखिए।


प्रियंका गांधी ने कहा-आतंकियों द्वारा हमारे कश्मीरी बहनों-भाइयों पर बढ़ते हमले दर्दनाक और निंदनीय हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सब अपने कश्मीरी बहनों-भाइयों के साथ हैं। केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाकर सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

हाल में कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार ने tweet किया-आतंकियों द्वारा कश्मीर में लगातार आम नागरिकों की निर्मम हत्याएं की जा रही हैं। घाटी में सुरक्षा और शांति को लेकर सरकार के तमाम दावे अभी तक हवा-हवाई साबित हुए हैं। बिना किसी लाग लपेट के आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए अन्यथा अक्षम गृह-मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए।

फोटो क्रेडिट:Mubashir Khan/ GK

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