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JNU में फिर हिंसा: ABVP और वामपंथी स्टूडेंट्स के बीच मारपीट, दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप

नागरिकता संशोधन अधिनियम(CAA) के विरोध के दौरान विवादों में आया JNU एक फिर चर्चा में है। रविवार रात यहां छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट हो गई। ABVP ने वामपंथी छात्रों पर हमले का आरोप लगाया है। जबकि JNU छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने इसके लिए ABVP को जिम्मेदार बताया है।

JNU clash, Fight between ABVP and Left student groups KPA
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New Delhi, First Published Nov 15, 2021, 11:12 AM IST
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नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी(JNU) में एक बार फिर छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट की खबर है। इसमें कुछ छात्र घायल हुए हैं। रविवार रात यहां छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट हो गई। ABVP ने वामपंथी छात्रों पर हमले का आरोप लगाया है। जबकि JNU छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने इसके लिए ABVP को जिम्मेदार बताया है। मारपीट की असली वजह अभी सामने नहीं आई है।

दोनों गुटों ने लगाया एक-दूसरे पर हमले का आरोप
घटना रविवार रात करीब पौने 9 बजे हुई। ABVP का आरोप है कि JNU के स्टूडेंट्स एक्टिविटी रूम में उनकी बैठक चल रही थी। तभी लेफ्ट से जुड़े छात्र वहां पहुंचे और हमला कर दिया। इस घटना को लेकर दिल्ली के वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में ABVP की तरफ से शिकायत दर्ज करवाई गई है। हालांकि पुलिस ने अभी FIR दर्ज नहीं की है, लेकिन मामले की जांच कर रही है।

उधर, जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की नेता आइशी घोष ने एक tweet करके ABVP पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा- 'ABVP के गुंडों ने जेएनयू में आज हिंसा फैलाई। इन अपराधियों ने छात्रों के साथ मारपीट की और कैंपस में लोकतंत्र को बाधित किया है। क्या जेएनयू प्रशासन अब भी चुप रहेगा? क्या इन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी?' घोष ने कुछ घायल छात्रों की तस्वीरें भी शेयर की हैं।

पिछले महीने भी JNU विवाद में आया था
JNU में पिछले अक्टूबर में भी एक विवाद सामने आया था।जेएनयू के वीमेन स्टडी सेंटर (JNU-Women Study Centre) ने 29 अक्टूबर, 2021 की रात 8:30 बजे कश्मीर में लैंगिक प्रतिरोध और नई चुनौतियां विषय पर एक वेबिनार आयोजित किया जाना था। बताया जा रहा है कि इसके इनविटेशन पर भारतीय अधिकृत कश्मीर लिखा गया था। दरअसल, छात्रों-शिक्षकों की मुख्य आपत्ति कश्मीर को लेकर किए गए संबोधन पर थी। एक शिक्षक ने बताया कि जेएनयू प्रशासन (JNU administration) ने भी इस पर घोर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद वेबिनार रद कर दिया गया था। एबीवीपी (ABVP) ने इसे एक गैर संवैधानिक वेबिनार करार दिया था। एबीवीपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि वेबिनार वेबपेज ने जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश को 'भारतीय अधिकृत कश्मीर' के रूप में संबोधित किया है जिस पर हमें घोर आपत्ति थी। 

5 जनवरी, 2020 को विवादों में आया था JNU
CAA के विरोध प्रदर्शन के बीच JNU में 5 जनवरी, 2020 को मारपीट की घटना हुई थी। इसके बाद यह विवादों में आया था। आरोप लगाया गया था कि आइशी घोष और वामपंथी छात्रों पर ABVP से जुड़े लोगों ने हमला किया। आइशी घोष का आरोप था कि उन्हें यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि और CAA का विरोध करने से रोका  गया था।

pic.twitter.com/ZnkjZ10Vhq

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