डीजीपी ओपी सिंह ने लखनऊ में हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि यह एक कट्टरपंथी हत्या थी। 

लखनऊ. डीजीपी ओपी सिंह ने लखनऊ में हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि यह एक कट्टरपंथी हत्या थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि कमलेश तिवारी ने 2015 में विवादित बयान दिया था, उसी की वजह से उनकी हत्या हुई। हालांकि, डीजीपी ने यह भी कहा कि सभी आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद बाकी चीजे भी सामने आ जाएंगी। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

डीजीपी ने बताया कि हत्या करने वाले सभी आरोपियों की पहचान हो गई है। आरोपी जिस मिठाई के डिब्बे में हथियार लाए थे, उससे काफी मदद मिली। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक इसका किसी आतंकी संगठन से कोई लिंक नहीं मिली।

ओपी सिंह ने बताया कि गुजरात और उत्तर प्रदेश पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में 3 लोगों को हिरासत में लिया है। इनका नाम मौलाना मोहसिन शेख, फैजान और खुर्शीद अहमद हैं। दो और संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, उनसे पूछताछ की जा रही है। उधर, गुजरात एटीएस ने बताया कि सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।

क्या है पूरा मामला 
घटना को नाका थाना क्षेत्र में अंजाम दिया गया। यहां खुर्शेदबाग कॉलोनी में हिंदू समाज पार्टी का मुख्यालय है। यही पर कमलेश तिवारी की दर्दनाक हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ता नेता को ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चाकू से 13 बार किया हमला
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया, दो भगवा कपड़े पहने बदमाश हाथ में मिठाई का डिब्बा लेकर नेता से मिलने उनके कार्यालय आए थे। डिब्बे में रिवॉल्वर और चाकू छिपाकर लाए थे। आरोपियों ने नेता के साथ बातचीत के दौरान चाय पी और इस बीच उनपर हमला कर दिया। आरोपियों ने 13 बार चाकू से हमला किया। इसके बाद उनका गला रेत दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।