हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले दो दिनों से असामान्य बारिश, हिमस्खलन और भूस्खलन हो रहा है। राज्य के सभी रास्ते बंद होने से यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। बिजली कनेक्शन भी टूट गया है।  

हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुल्लू-मनाली हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो दिनों से इलाके में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन हो रहा है। राज्य के 583 रास्ते और पांच राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से यातायात लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने 3 मार्च को एक और हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। इस बीच, पिछले दो दिनों में हुए हिमस्खलन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। 

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कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण व्यापक नुकसान हुआ है। अप्रत्याशित भारी बारिश से नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ गया है, जिससे चिंता बढ़ गई है। पहनाला खड्ड और कुल्लू में दर्जनों वाहन बह गए हैं। कांगड़ा जिले के छोटा भंगाल में बादल फटने की भी खबर है। किन्नौर और भरमौर इलाकों में भी हिमस्खलन की सूचना मिली है। चंबा जिले की पांगी घाटी के कुमार पंचायत में हुए हिमस्खलन से इलाका पूरी तरह कट गया है। 

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विभिन्न इलाकों में भूस्खलन और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से सड़क यातायात बाधित होने के कारण राज्य भर में लगभग 70 निजी और सरकारी बसें फंसी हुई हैं। ज्यादातर इलाकों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली और फोन संपर्क टूट गया है। 2,263 ट्रांसफार्मर खराब होने से इलाके अंधेरे में डूब गए हैं। 279 जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।