वरिष्ठ वामपंथी नेता सीताराम येचुरी का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया, परिवार ने मेडिकल रिसर्च के लिए उनका पार्थिव शरीर एम्स को दान कर दिया।

नई दिल्ली। 72 साल की उम्र में सीनियर वामपंथी नेता सीताराम येचुरी (Sitaram Yechurys) का निधन गुरुवार को हो गया। उनके परिवार ने बड़ा फैसला लेते हुए शव दिल्ली एम्स को दान कर दिया है। इसका इस्तेमाल मेडिकल रिसर्च के लिए होगा। मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र शव से इंसानी शरीर की रचना की जानकारी लेंगे।

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एम्स ने बयान जारी कर बताया, "सीताराम येचुरी को निमोनिया के कारण 19 अगस्त 2024 को एम्स में भर्ती कराया गया था। 12 सितंबर 2024 को दोपहर 3:05 बजे उनका निधन हो गया। परिवार ने पढ़ाई और रिसर्च के लिए उनके पार्थिव शरीर को एम्स नई दिल्ली को दान कर दिया है।"

19 अगस्त को तेज बुखार के कारण दिल्ली एम्स में भर्ती हुए थे सीताराम येचुरी

येचुरी को 19 अगस्त को तेज बुखार के कारण दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें आईसीयू में ले जाया गया। 31 अगस्त को सीपीआई(एम) ने कहा कि उनका इलाज विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा किया जा रहा है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

येचुरी की हाल ही में मोतियाबिंद की सर्जरी हुई थी। बीमार रहने के बाद भी वह सक्रिय थे। 22 अगस्त को उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की मौत पर वीडियो संदेश शेयर किया था। उन्होंने कहा था, "यह मेरी क्षति है कि मैं श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नहीं हो सका। कॉमरेड बुद्धदेव भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि नहीं दे सका। यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुझे बुद्धो दा को अपनी भावनाएं, संवेदनाएं और क्रांतिकारी लाल सलाम बताने के लिए एम्स से जुड़ना पड़ा।"

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