मध्य प्रदेश के उज्जैन में दो चीतों की खाल और जंगली सूअर के दांतों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार। राजस्व खुफिया विभाग ने की कार्रवाई, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।

मुंबई: एक तरफ पीएम मोदी नामीबिया से चीतों को लाकर देश में वन्यजीवों को फिर से बसाने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इन जीवों का शिकार करके कुदरत को तबाह करने पर तुले हैं। ऐसे ही जानवरों का अवैध कारोबार करने वाले दो लोगों को अब अफसरों ने गिरफ्तार किया है।

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नागपुर के राजस्व खुफिया विभाग (Revenue Intelligence) के अधिकारियों ने वन्यजीवों की तस्करी करने वाले दो लोगों को पकड़ा है और उनके पास से दो चीते की खाल (सिर सहित) और जंगली सूअर के दांत बरामद किए हैं। ये कार्रवाई मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई है।

वन्यजीवों से जुड़ी चीजों की तस्करी की पक्की खबर मिलने पर नागपुर की राजस्व खुफिया टीम हरकत में आई और जानवरों की जान के दुश्मनों को पकड़ने में कामयाब रही। 4 मई को उज्जैन के एक होटल में इन तस्करों को धर दबोचा गया।

चीते की खाल और जंगली सूअर के दांत, दोनों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत जब्त कर लिया गया है। चीतों को इसी कानून की अनुसूची 1 में रखा गया है। इसके मुताबिक, चीते की खाल या शरीर के किसी भी हिस्से का व्यापार, बिक्री, खरीद या कब्जा रखना गैरकानूनी है। जब्त की गई चीजों और आरोपियों को आगे की जांच के लिए उज्जैन के जिला वन विभाग को सौंप दिया गया है।

इस साल जनवरी में, राजस्व खुफिया विभाग की नागपुर शाखा ने महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक चीते की खाल बरामद की थी और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। राजस्व खुफिया विभाग की ये कामयाब कार्रवाइयां देश में और सीमाओं पर लुप्तप्राय प्रजातियों की तस्करी और गैरकानूनी ढुलाई रोकने के मकसद से की जाती हैं। इससे भारत के वन्यजीवों की रक्षा के लिए विभाग की प्रतिबद्धता दिखती है।