केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाएं 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य में लागू करने पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखा है। आगामी 2021 के राज्य चुनाव में भी भाजपा इसे उठाने वाली थी लेकिन इससे पहले ममता बनर्जी ने फैसला लिया है।

कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाएं 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' को राज्य में लागू करने पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखा है। ममता ने इस को लेकर पत्र में कहा है कि बंगाल सरकार केंद्र की इन योजनाओं के राज्य में क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन इन योजनाओं को बंगाल में राज्य सरकार के माध्यम से क्रियान्वित किया जाना चाहिए। दरअसल, केंद्र सरकार राज्य की मनमानी की वजह से इन योजनाओं को अबतक यहां लागू नहीं कर पा रही थी। आगामी 2021 के राज्य चुनाव में भी भाजपा इसे उठाने वाली थी लेकिन इससे पहले ममता बनर्जी ने फैसला लिया है।

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राज्य को भेजी जाए राशि - ममता बनर्जी

दोनों केंद्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ममता ने कहा, विभिन्न अवसरों पर यह सुना जाता है कि बंगाल सरकार केंद्र सरकार द्वारा 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' को लागू नहीं कर रही है। कृपया इस बात की सराहना की जा सकती है कि इन दोनों योजनाओं को लांच करने से बहुत पहले, राज्य ने सभी सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए 100 फीसद मुफ्त उपचार, दवाइयां और डायग्नोस्टिक्स की शुरुआत की थी। ममता ने पत्र में राज्य की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य 'साथी योजना' का भी जिक्र किया, जिसके दायरे में 7.5 करोड़ से अधिक लोग शामिल हैं।

इसके साथ ही किसानों के लिए ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए पहले ही कृषक बंधु योजना शुरू कर दी है। फिर भी हमें किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ देने में खुशी होगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से इस शर्त के साथ 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' का राज्य में विस्तार करने के लिए कहा है कि इन योजनाओं का 100 फीसदी खर्च केंद्र को राज्य सरकार के माध्यम से भेजा जाना चाहिए।