मनीष सिसोदिया ने जंतर-मंतर पर जनसभा में गिरफ्तारी के बाद के समय को याद किया और बताया कि उन्हें अपने बेटे की फीस भरने के लिए भीख मांगनी पड़ी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर मिला था।

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जनसभा के दौरान शराब घोटाले में गिरफ्तार किए जाने के बाद के समय को याद किया। उन्होंने कहा कि मुझे बेटे की फीस भरने के लिए भीख मांगनी पड़ी।

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सिसोदिया ने कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें अरविंद केजरीवाल के खिलाड़ भड़काने की कोशिश की। सिसोदिया ने कहा, "उन्होंने मुझे तोड़ने की कोशिश की। मुझे बताया गया कि अरविंद केजरीवाल ने आपका नाम ले लिया है। कहा है कि मनीष सिसोदिया ने सबकुछ किया है। आप भी केजरीवाल का नाम लो। ऐसा करने पर बच जाओगे।"

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मनीष सिसोदिया ने कहा- मिला था भाजपा में शामिल होने का ऑफर

सिसोदिया ने कहा कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर मिला था। उन्होंने कहा, "मुझसे कहा गया, 'बदल जाओ', 'वे तुम्हें जेल में मरवा देंगे'। मुझे अपने बारे में सोचने के लिए कहा गया। कहा गया कि राजनीति में कोई भी किसी के बारे में नहीं सोचता। मुझे अपने परिवार, मेरी बीमार पत्नी और मेरे बेटे के बारे में सोचने के लिए कहा गया। वह कॉलेज में है। मैंने उनसे कहा कि आप लक्ष्मण को राम से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।"

बेटे की फीस भरने के लिए भीख मांगनी पड़ी

भाषण के दौरान सिसोदिया ने गिरफ्तार होने के बाद की कठिनाइयों को याद किया। उन्होंने कहा, "2002 में जब मैं पत्रकार था, मैंने 5 लाख रुपए का फ्लैट खरीदा था। उसे भी छीन लिया गया। मेरे खाते में 10 लाख रुपए थे। वह भी छीन लिए गए। मुझे अपने बेटे की फीस भरने के लिए भीख मांगनी पड़ी। मैंने उनसे कहा था कि मुझे अपने बेटे की फीस भरनी है फिर भी ईडी ने मेरा बैंक खाता फ्रीज कर दिया।"

बता दें कि मनीष सिसोदिया पूर्व उपमुख्यमंत्री और दिल्ली सरकार में आबकारी विभाग के मंत्री थे। शराब घोटाला केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। पिछले महीने जमानत मिलने से पहले वह करीब डेढ़ साल तक जेल में रहे।

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