McAfee की 'ग्लोबल स्कैम मैसेज स्टडी' के अनुसार, हर दिन एक भारतीय व्यक्ति को औसतन एक दर्जन फेक कॉल या मैसेज मिलते हैं और 82 प्रतिशत लोग उनकी जाल में फंस चुके हैं। रिपोर्ट में कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

McAfee shocking report on cyber crime: डिजिटल इंडिया फ्रॉड करने वाले के लिए भी काफी लाभदायक साबित हो रहा है। रोज दर्जनों भारतीय फेक कॉल-मैसेज में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे। इस फ्रॉड में साइबर अपराधियों के लिए AI सबसे मददगार साबित हो रहा है। वह आवाजों को क्लोन कर दे रहा जिसकी वजह से पहचान करना भी मुश्किल हो जा रहा।

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McAfee report ने शॉकिंग खुलासा किया है। इसकी 'ग्लोबल स्कैम मैसेज स्टडी' के अनुसार, हर दिन एक भारतीय व्यक्ति को एक दर्जन फेक कॉल या मैसेज मिलते हैं। इसमें 82 प्रतिशत लोग उनकी जाल में फंस चुके हैं। ट्राई ने 28 अगस्त को स्पैम विरोधी कानूनों में बदलाव के लिए एडवाइजरी जारी की है ताकि स्पैम और धोखाधड़ी को नियंत्रित किया जा सके। टेलीकम्युनिकेशन मंत्रालय में 93 हजार से अधिक धोखाधड़ी के मामले रजिस्टर्ड हो चुके हैं। लेकिन कम मामलों में ही साइबर अपराधी गिरफ्त में आते हैं।

आईए जानते हैं रिपोर्ट के चौकाने वाले तथ्य...

  • भारतीय हर दिन औसतन 12 फेक मैसेज पाते हैं।
  • भारतीय लोग धोखाधड़ी वाले संदेशों की पहचान करने में सप्ताह में लगभग 1.8 घंटे बिताते हैं।
  • 82% भारतीय किसी न किसी फ़र्जी संदेश के शिकार हुए हैं।
  • 64% फ़र्जी नौकरी ऑफर और 52% फ़र्जी बैंक अलर्ट के मैसेज या कॉल होते हैं।
  • 83% वॉयस स्कैम पीड़ित असली और क्लोन आवाज़ में अंतर नहीं कर पाते।
  • 49% लोगों का मानना है कि फ़र्जी संदेश इतना भरोसेमंद लगता है कि पहचानना मुश्किल होता है।
  • लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक फ़र्जी संदेश मिले हैं।
  • लगभग 48% भारतीयों ने बताया कि वे एक से अधिक बार फेक मैसेज से ठगे गए।
  • 60% इंडियन्स ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी फ्रॉड मैसेज मिलते हैं।
  • 40% लोगों ने बताया कि टेक्निकल सर्विस के लिए फेक मैसेज भेजकर ठगने की कोशिश की गई।
  • 35 परसेंट लोग धोखाधड़ी वाले फेक मैसेजों को क्लिक कर चुके हैं जिसकी वजह से वह जोखिम में फंस गए।

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