Asianet News HindiAsianet News Hindi

Money Laundering Case: 13 घंटे की पूछताछ के बाद अनिल देशमुख अरेस्ट; कस्टडी में मनेगी दिवाली

100 करोड़ रुपए की अवैध वसूली के मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख( Anil Deshmukh arrested) को प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से 6 नवंबर तक कस्टडी दी गई है।

Money Laundering Case, Former Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh arrested
Author
Mumbai, First Published Nov 2, 2021, 7:10 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

मुंबई. 100 करोड़ रुपए की अवैध वसूली मामले में एक नया मोड़ आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख(Anil Deshmukh) को गिरफ्तार कर लिया है। वे सोमवार को पूछताछ के लिए ED कार्यालय पहुंचे थे। करीब 13 घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि देशमुख से पूछताछ करने ED के ज्वाइंट डायरेक्टर सत्यव्रत कुमार खुद दिल्ली से मुंबई पहुंचे थे। देशमुख की गिरफ्तारी की सूचना देर रात ED अधिकारियों ने दी। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।स्पेशल PMLA कोर्ट ने उन्हें 6 नवंबर तक ED की कस्टडी में भेज दिया है। यानी दिवाली उनकी कस्टडी में मनेगी।

यह भी पढ़ें- Money Laundering Case: आखिरकार ऐसे पीछे हाथ बांधे ED ऑफिस पहुंचे महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख

आज कोर्ट में किया जाएगा पेश
ED के मुताबिक अनिल देशमुख जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। हालांकि अनिल देशमुख यह दावा कर चुके थे कि वे जांच में बराबर सहयोग कर रहे थे। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, अनिल देशमुख के वकील इंद्रपाल सिंह ने कहा कि कोर्ट में वे रिमांड का विरोध करेंगे। देशमुख सोमवार(1 नवंबर) को सुबह 11.40 बजे दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित ED के कार्यालय पहुंचे थे। ED के अनुसार धन शोधन रोकथाम कानून यानी Money Laundering के तहत केस दर्ज किया गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस(NCP) के 71 वर्षीय नेता अनिल देशमुख ने अवैध वसूली के आरोपों के बाद अप्रैल, 2021 को महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

यह भी पढ़ें-दूसरों को रिमांड पर लेने वाला खुद रिमांड पर: पूर्व पुलिस अफसर वझे से क्राइम ब्रांच 6 नवम्बर तक करेगी पूछताछ

5 बार समन के बावजूद पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे
अनिल देशमुख को ED ने 5 बार समन भेजा था, लेकिन वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। देशमुख लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को झुठलाते रहे हैं। पहले इस मामले की जांच CBI कर रही थी, लेकिन जब मामला मनी लॉन्ड्रिंग का सामने आया, तब ED ने जांच शुरू कर दी। 

रविवार को देखमुख की मीडिएटर गिरफ्तार
रविवार को CBI ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी की। ठाणे से संतोष शंकर जगताप नाम के आदमी को पकड़ा गया है। उसे 4 दिन की कस्टडी में भेजा गया है। इसे अनिल देशमुख का मिडलमैन बताया जा रहा है। इससे पहले CBI ने कॉन्फिडेंशियल डॉक्युमेंट्स लीक मामले में देशमुख के कई ठिकानों पर छापे मारे थे। 2 सितंबर को देशमुख के वकील आनंद दागा और CBI के ही सब इस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को अरेस्ट किया था।

यह भी पढ़ें-Godawan समूह की 200 करोड़ की प्रॉपर्टी 25 करोड़ में बेचने वाले SBI के पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी अरेस्ट

परमबीर सिंह ने उद्धव ठाकरे को लिखा था लेटर
मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोटक की जांच के बाद यह मामला सामने आया था। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने सचिन वझे(एंटीलिया केस का मुख्य आरोपी) को बार, रेस्तरां और अन्य जगहों से हर महीने 100 करोड़ रुपए इकट्ठा करने के लिए कहा था। चिट्ठी में परमबीर सिंह ने लिखा था, "गृहमंत्री देशमुख ने सचिन वझे को कई बार अपने बंगले पर बुलाया। फंड कलेक्ट करने का आदेश दिया। इस दौरान उनके पर्सनल सेक्रेटरी मिस्टर पलांडे भी वहां मौजूद थे। मैंने इस मामले को डिप्टी चीफ मिनिस्टर और एनसीपी चीफ शरद पवार को भी ब्रीफ किया।"

यह भी पढ़ें-Aryan Khan Drug Case: नवाब का आरोप-फडणवीस कराते हैं ड्रग्स का धंधा,मिला जवाब-अंडरवर्ल्ड से हैं मलिक के रिश्ते

परमबीर सिंह कहां से आ गए?
एंटीलिया केस में शुरुआती जांच पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की देखरेख में ही हो रही थी। इस केस में NIA ने मुंबई पुलिस अफसर सचिन वझे को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद परमबीर सिंह पर कई आरोप लगे। नतीजा ये हुआ कि परमबीर सिंह को पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया गया। क्लिक करके पढ़ें

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios