नम्मा बेंगलुरू फाउंडेशन कोविड काल में रोजगार छिन चुके लोगों के घर राशन पहुंचाने का काम कर रहा है। बुधवार को 500 ऐसे लोगों को किराना किट दिया गया जिनका रोजगार छिन गया है और वह आर्थिक रूप् से कमजोर हैं। 

बेंगलुरू। कोरोना महामारी से लाखों जिंदगियां बर्बाद हो गई हैं। लॉकडाउन से हजारों बेरोजगार भूखमरी के शिकार हो रहे। ऐसे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए नम्मा बेंगलुरू फाउंडेशन ‘लाइफ-सेवर’ बनकर सामने आ रहा है। संस्थापक ट्रस्टी एवं राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर के नेतृत्व में फाउंडेशन लोगों की आजीविका का इंतजाम तो कर ही रहा है, स्वास्थ्य के लिए विशेष किट भी उपलब्ध करा रहा। 

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बेरोजगार हुए लोगों के घर पहुंचा रहा राशन

नम्मा बेंगलुरू फाउंडेशन कोविड काल में रोजगार छिन चुके लोगों के घर राशन पहुंचाने का काम कर रहा है। बुधवार को बसवनगुडी में 500 ऐसे लोगों को किराना किट दिया गया जिनका रोजगार छिन गया है और वह आर्थिक रूप् से कमजोर हैं। एक राशन किट में परिवार के 4-5 लोगों के राशन का सामान है। 

गरीबों को वेलनेस व इम्यूनिटी किट भी दे रहे

फाउंडेशन की ओर से गरीब लोगों को वेलनेस और इम्यूनिटी किट भी दिया जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि बेंगलुरू में काफी संख्या में गरीब लोग रहते हैं। दैनिक रोजगार छिन गया है। दो वक्त की रोटी का इंतजाम नहीं कर पाने वाले ये लोग स्वास्थ्य समस्याओं के भी शिकार हैं। कोविड काल में इनको स्वस्थ रखने के लिए वेलनेस व इम्यूनिटी किट दिया जा रहा है। एनबीएफ करीब एक लाख लोगों को किट बांट चुका है। 

एनबीएफ ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर और ऑक्सीमीटर भी बांटा

कोरोना महामारी के दौरान जब पूरे देश में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ था तब नम्मा बेंगलुरू फाउंडेशन ने गरीबों को ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर और ऑक्सीमीटर बांटकर लोगों का जीवन बचाया। एनबीएफ ने एक अभियान चलाकर लोगों की मदद की है। इसके अलावा गरीब बस्तियों में वैक्सीन कैंप भी लगवाया जा रहा है। 

अभियान जारी रहेगा, किसी भी गरीब को नहीं होगी परेशानी

एनबीएफ के फाउंडर ट्रस्टी/राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कोविड की वजह से दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के पास अभी काम नहीं है। काम नहीं होने से भोजन का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोगों के लिए फाउंडेशन हमेशा साथ है। हम गरीबों को भोजन पहुंचाने का काम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर से लड़ने के लिए हम सभी को एक साथ आना होगा। बेंगलुरू एक ऐसा शहर है जहां बहुत से लोग आते हैं। मजूदर वर्ग बेहाल है, हमको इनकी मदद के लिए आगे आना होगा। 

गरीबों की मदद करता है नम्मा बेंगलुरु फाउंडेशन 

नम्मा बेंगलुरु फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन है। यह बेंगलुरू और यहां के लोगों की हक व अधिकारों की लड़ाई लड़ता है। यह बेहतर बेंगलुरु के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयासरत है। फाउंडेशन शहर प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय का एक मंच है जिससे लोग शहर की योजनाओं में अपना योगदान सुनिश्चित कर सके। इससे नागरिक अधिकारों की रक्षा तो होती ही है, सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है। इस पहल से सरकारी धन और संपत्तियों की जवाबदेही भी तय होती है। 

Asianet News काविनम्रअनुरोधःआईएसाथमिलकरकोरोनाकोहराएं, जिंदगीकोजिताएं...जबभीघरसेबाहरनिकलेंमाॅस्कजरूरपहनें, हाथोंकोसैनिटाइजकरतेरहें, सोशलडिस्टेंसिंगकापालनकरें।वैक्सीनलगवाएं।हमसबमिलकरकोरोनाकेखिलाफजंगजीतेंगेऔरकोविडचेनकोतोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona