केरल के नेनमारा में 2025 में हुए डबल मर्डर केस में पलक्कड़ की कोर्ट ने 61 वर्षीय आरोपी को मौत की सजा दी है। सरकारी वकील ने फैसले पर खुशी जताते हुए हत्या को बर्बर बताया। आरोपी पर मां और बेटे की बेरहमी से हत्या करने का आरोप था।

सरकारी वकील विजय कुमार ने सोमवार को पलक्कड़ अतिरिक्त सत्र न्यायालय के उस फैसले की सराहना की, जिसमें सनसनीखेज 2025 नेनमारा डबल मर्डर केस में 61 वर्षीय फरार आरोपी को मौत की सजा सुनाई गई है।

इस दोहरे हत्याकांड को "कोल्ड-ब्लडेड" और "बर्बर" करार देते हुए कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि इसने केरल के पूरे समाज को खतरे में डाल दिया था। उन्होंने कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि हमने बहुत प्रयास किए, और मेरी टीम ने भी बहुत अच्छा काम किया है। आखिरकार हमें हमारे पक्ष में फैसला मिला। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह एक बहुत ही क्रूर, बर्बर हत्या थी जिसने केरल के पूरे समाज को डरा दिया था। एक ही परिवार के तीन सदस्यों को समाज से खत्म कर दिया गया।" गौरतलब है कि चेन्थामारा को इससे पहले 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिस पर वह अपनी वैवाहिक समस्याओं का आरोप लगाता था।

व्यवस्थित जांच से हुई थी गिरफ्तारी

इससे पहले, पुलिस अधीक्षक (एसपी) अब्दुल रहीम ने कहा था कि फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए अभियोजन पक्ष की मदद से व्यवस्थित तरीके से जांच की गई थी। उन्होंने कहा, "जांच व्यवस्थित थी, और घटना के अगले ही दिन हम फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रहे। अभियोजन पक्ष ने बहुत मदद की। यही कारण है कि अदालत ने ऐसी सजा दी।"

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि चेन्थामारा को 27 जनवरी, 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी में अपने पड़ोसी सुधाकरन (56) और सुधाकरन की 74 वर्षीय मां लक्ष्मी की हत्या का दोषी ठहराया गया था। पलक्कड़ अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने उसे मां और बेटे की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई। (एएनआई)

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