पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय अपना अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। राज्य के 50 साल पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है।

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय अपना अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। राज्य के 50 साल पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्य के स्थापना पर बधाई देते हुए इन राज्यों में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की है। 

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पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वेात्तर के तीनों राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। पूर्व की सरकारों ने इन राज्यों की ओर ध्यान नहीं दिया लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इन राज्यों में विकास की एक नई कहानी लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मेघालय प्रतिभाओं से भरा है। पिछले 7 सालों में केंद्र ने राज्य के विकास के लिए काम किया है। जैविक खेती और पर्यटन क्षेत्र के अलावा, नए क्षेत्रों में विकास कार्य किया जा रहा है।

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मणिपुर शांति का हकदार

उन्होंने कहा कि मणिपुर शांति का हकदार है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि उन्होंने वर्षों के संघर्ष के बाद इसे अर्जित किया। मणिपुर के कोने-कोने में विकास पहुंच रहा है. सिर्फ खेल ही नहीं, मणिपुर के युवा स्टार्ट-अप के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।

त्रिपुरा विकास के नए दौर में

पीएम मोदी ने कहा कि आज एक तरफ त्रिपुरा गरीबों को पक्के घर देने में प्रशंसनीय काम कर रहा है, दूसरी तरफ नई तकनीक को भी तेजी से अपना रहा है। हाउसिंग कंस्ट्रक्शन में नई तकनीक का उपयोग देश के जिन 6 राज्यों में हो रहा है, उनमें त्रिपुरा भी एक है। रेल कनेक्टिविटी के मामले में त्रिपुरा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। कुछ दिन पहले महाराजा वीर विक्रम एयरपोर्ट का भी विस्तार किया गया है। त्रिपुरा आज विकास के जिस नए दौर में, नई बुलंदी की तरफ बढ़ रहा है उसमें राज्य के लोगों की सूझबूझ का बहुत बड़ा योगदान है। सार्थक बदलाव के 3 साल इसी सूझबूझ का प्रमाण है। आज त्रिपुरा अवसरों की धरती बन रही है। आज त्रिपुरा के सामान्य जन की छोटी-छोटी जरूरतों की पूर्ति के लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर काम कर रही है। तभी तो विकास के अनेक पैमानों पर त्रिपुरा आज बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। त्रिपुरा का इतिहास हमेशा से गरीमा से भरा रहा है। माणिक्य वंश के सम्राटों के प्रताप से लेकर आज तक एक राज्य के रूप में त्रिपुरा ने अपनी भूमिका को सशक्त किया है।

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मोदी के पीएम बनने के बाद नार्थ ईस्ट की दूरी कम हुई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट एक जमाने में भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता था, आज जितना भी पैसा दिल्ली से नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए जाता है, वो पूरा का पूरा खर्च होता है। नॉर्थ ईस्ट की दिल्ली से दूरी प्रधानमंत्री मोदी जी के शासन में आने के बाद कम हुई है। उन्होंने कहा कि पूरा नॉर्थ ईस्ट विकसित हो इसके लिए उन्होंने आठों राज्यों को अष्टलक्ष्मी का उपनाम दिया है। त्रिपुरा को नार्थ ईस्ट के गेटवे के रूप में विकसित करने का काम हो रहा है। रोड और रेलवे से जुड़ी दर्जनों परियोजनाओं और बांग्लादेश के साथ इंटरनेशनल वाटर वे कनेक्टिविटी के कारण बहुत विकास और बहुत ज्यादा निवेश आने वाले दिनों में त्रिपुरा में आने वाला है।

गौरवशाली इतिहास समेटे है नार्थ ईस्ट

अमित शाह ने कहा कि जब मुस्लिम आतातायियों पूर्वी पाकिस्तान की ओर से त्रिपुरा में घुसने लगे थे तब महारानी कंजनप्रभा जी ने सरदार पटेल से बात करके मदद मांगी थीं। सरदार पटेल ने असम से वायुसेना भेजकर त्रिपुरा को बचाया था। त्रिपुरा भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण राज्य है, नार्थ ईस्ट में त्रिपुरा अपना एक इतिहास रखने वाला राज्य है। राज्य के 50 वर्ष जब पूरे होते हैं, तब मैं ये मानता हूं कि राज्य की प्रगति के लिए हमें एक संकल्प लेना चाहिए। 25 साल के बाद त्रिपुरा कहां होगा उसकी संकल्पना करनी चाहिए।
शाह ने कहा कि लक्ष्य 2047 हमारे सामने आज घोषित किया गया है। ये सिर्फ एक बुकलेट नहीं है, ये त्रिपुरा की जनता की आशाओं और आकांक्षाओं का चित्रण है। इसमें त्रिपुरा के भविष्य का खाका है। आने वाली पीढ़ियां त्रिपुरा के विकास में कैसा योगदान देंगे, इसका खाका इस बुकलेट में है। 

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