बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों के सांसदों ने कृषि बिलों के विरोध में प्रदर्शन कर मार्च निकाला। मार्च के दौरान सभी विपक्षी सांसदों ने किसान बचाओ, मजदूर बचाओ के पोस्टर हाथों में  लिए नारे लगाए। इससे पहले, विपक्ष ने लगातार तीसरे दिन संसद के उच्च सदन राज्यसभा और निचले सदन लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

नई दिल्ली. विपक्षी दलों के सांसदों ने बुधवार को कृषि बिलों के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन कर मार्च निकाला। मार्च के दौरान सभी विपक्षी सांसदों ने किसान बचाओ, मजदूर बचाओ के पोस्टर हाथों में लिए नारे लगाए। इससे पहले, विपक्ष ने लगातार तीसरे दिन संसद के उच्च सदन राज्यसभा और निचले सदन लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

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विपक्ष के नेता कृषि बिलों को लेकर बुधवार शाम 5 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर विपक्ष के सिर्फ पांच नेताओं को राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति दी गई है। सोमवार को विपक्ष ने चिट्ठी लिखकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगने के साथ यह अपील की थी कि वे कृषि बिलों पर साइन ना करें।

मानसून सत्र समय से पहले हो सकता है खत्म

सूत्रों के मुताबिक, 14 सितंबर से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र को आज समय से पहले खत्म किया जा सकता है। सत्र के दौरान 2 मंत्रियों समेत 30 सांसदों और कई कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सरकार 18 दिन का सत्र 10 दिन में ही खत्म कर सकती है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने भी बताया कि केंद्र सरकार ने आज संसद की कार्यवाही स्थगित करने की सिफारिश का फैसला लिया है। मंत्री के मुताबिक, इससे पहले लोकसभा में कुछ अहम मुद्दे निपटाने होंगे। पिछले हफ्ते लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार समेत सभी विपक्षी पार्टियों ने सत्र छोटा करने पर सहमति जताई थी।