कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहे भारत को दुनियाभर से लगातार मदद पहुंच रही हैं। छोटे-बड़े हर तरह के मित्र देश ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाएं और अन्य मेडिकल इक्विपमेंट्स से लेकर अन्य तरह की मदद लगातार पहुंचा रहे हैं। इस महामारी ने दुनिया को एकजुट कर दिया है। संकट की इस घड़ी में दुनिया के कई देश जिस तरह से भारत की मदद के लिए आगे आए, उसने मानवता की एक मिसाल पेश की है। आइए जानते हैं देश और दुनिया से भारत को कहां से और क्या-क्या मदद मिल रही है...

नई दिल्ली. कोरोना संकट से जूझ रहे भारत की मदद के लिए दुनिया के तमाम छोटे-बड़े देश आगे आए हैं। ऐसा अकसर युद्ध के दौरान देखने को मिलता है, जब मित्र देश एक-दूसरे को मेडिकल सामग्री और अन्य जरूरी चीजें भेजते हैं। मित्र देश ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाएं और अन्य मेडिकल इक्विपमेंट्स से लेकर अन्य तरह की मदद लगातार भारत को पहुंचा रहे हैं। इस महामारी ने दुनिया को एकजुट कर दिया है। संकट की इस घड़ी में दुनिया के कई देश जिस तरह से भारत की मदद के लिए आगे आए, उसने मानवता की एक मिसाल पेश की है। बता दें कि पिछले 24 घंटे में देश में 3.43 लाख केस आए हैं। इनमें से 4000 की मौत हुई। हालांकि इस दौरान 3.44 लाख लोग ठीक भी हुए। देश में इस समय 37 लाख एक्टिव केस हैं।

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आइए जानते हैं देश और दुनिया की मदद से कैसे बदल रहीं भारत की स्वास्थ्य सेवाएं...

सेना ने बनाया अस्पताल: असम के तेज़पुर मेडिकल कॉलेज में सेना ने 5 आईसीयू और 45 ऑक्सीजन बेड का एक कोविड केयर अस्पताल बनाया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करके सेना को धन्यवाद कहा।
हरियाणा: गृहमंत्री अनिल विज ने बताया-सभी गांव में हम कोरोना केयर सेंटर बना रहे हैं। हमने पांच लोगों की टीम बनाई है, जो घर-घर जाएगी और लोगों का चेकअप करेगी। अगर किसी में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा।

दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया-अभी दिल्ली के अस्पतालों में सभी ICU बेड भरे हुए हैं। हालांकि लगभग 1,200 नए ICU बेड बनकर तैयार हैं, 1-2 दिन में ये शुरू हो जाएंगे। किसी भी हालत में ढिलाई नहीं करनी है, लॉकडाउन का पालन करना है।

सिंगापुर:सिंगापुर से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर IAF के चार विमान चेन्नई पहुंचे। चेन्नई कस्टम्स ने बताया कि राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय के साथ सामान की तुरंत निकासी कराई गई।

इन देशों से मिली मदद: जर्मनी, नीदरलैंड और पुर्तगाल से चिकित्सा सहायता भारत पहुंची। जर्मनी से 223 वेंटिलेटर, रेमडेसिविर की 25,000 वाइल और अन्य मेडिकल उपकरण, नीदरलैंड से रेमडेसिविर की 30,000 वाइल और पुर्तगाल से रेमडेसिविर की 5,500 वाइल दिल्ली आई। कज़ाकिस्तान से 5.6 मिलियन से ज़्यादा मास्क/श्वासयंत्र भारत पहुंचे। कनाडा से एक विशेष फ्लाइट में चिकित्सा सहायता भारत पहुंची।

भारतीय रेलवे: रेलवे अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 444 टैंकरों में लगभग 7115 मीट्रिक टन चिकित्सा उपयोग हेतु तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा 12 मई तक देश के विभिन्न भागों में लगभग 800 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 115 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई गई है। अब तक महाराष्ट्र को 407 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को लगभग 1960 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 361 मीट्रिक टन, हरियाणा को 1135 मीट्रिक टन, तेलंगाना को 188 मीट्रिक टन, राजस्थान को 72 मीट्रिक टन, कर्नाटक को 120 मीट्रिक टन और दिल्ली को 2748 मीट्रिक टन ऑक्सीज़न की आपूर्ति की गई।

विभिन्न राज्यों को मिली सामग्री: 27 अप्रैल, 2021 से 12 मई, 2021 तक कुल मिलाकर 9,294 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 11,835 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 6,439 वेंटिलेटर्स/ बीआई पीएपी और करीब 4.22 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरीत/ रवाना किए जा चुके हैं। 12 मई, 2021 को जिन देशों ने प्रमुख रूप से बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी है, उनमें कुवैत, सिंगापुर, गिलियाड, स्विज़रलैंज, स्पैन, मिश्र आदि शामिल हैं। इस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शनः 86,595, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटरः 4,802, वेंटिलेटर्सः 10 और
टेस्टिंग किटः 141 मिले।

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