केरल में एजुकेशन प्रोटेक्शन सोसाइटी ने पर्चा में लिखा है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान आरएसएस के एक उपकरण की तरह काम कर रहे थे और उन्हें संविधान की बुनियादी समझ भी नहीं है। वह केरल की शिक्षा को बर्बाद करने के लिए काम कर रहे हैं।

Kerala Governor Vs Left Government: केरल में राज्यपाल और सरकार के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। वाम मोर्चा ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ हमला बोलते हुए 15 नवम्बर को एक लाख लोगों के साथ राजभवन घेराव का ऐलान किया है तो दूसरी ओर पर्चा बांटकर लोगों को राज्यपाल के खिलाफ एकजुट होने की अपील कर रही है। पर्चा बांट रही संस्था एजुकेशन प्रोटेक्शन सोसाइटी ने राज्यपाल पर आरएसएस का एजेंट होने का आरोप लगाने के साथ हायर एजुकेशन को बर्बाद करने का आरोप लगाया गया है।

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पर्चा बांट रहा समूह क्या कह रहा?

केरल में एजुकेशन प्रोटेक्शन सोसाइटी ने पर्चा में लिखा है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान आरएसएस के एक उपकरण की तरह काम कर रहे थे और उन्हें संविधान की बुनियादी समझ भी नहीं है। वह केरल की शिक्षा को बर्बाद करने के लिए काम कर रहे हैं। वह दक्षिण राज्य की उच्च शिक्षा को तबाह करने में लगे हुए हें। संस्था ने पर्चा बांटकर उच्च शिक्षा क्षेत्र की रक्षा के लिए आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ एक जनआंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया है।

एजुकेशन प्रोटेक्टशन सोसाइटी भी एलडीएफ का ही हिस्सा

एलडीएफ सूत्रों की मानें तो पर्चे का वितरण आने वाले दिनों में राज्यपाल के खिलाफ वाम मोर्चे द्वारा आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला का हिस्सा है। उधर, वाम मोर्चा की भी 15 नवंबर को राजभवन के सामने एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी के साथ एक सामूहिक विरोध सभा बुलाने की योजना है।

क्या है वाम मोर्चे की योजना?

माकपा के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि जमीनी स्तर पर राज्य में कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसरों में विरोध सभाएं और सभा बुलाई जाएगी। राजभवन के सामने जो प्रदर्शन होगा वह अभूतपूर्व होगा। उन्होंने कहा कि हम राज्यपाल द्वारा उठाए जा रहे राजनीतिक रुख का आम जनता के समर्थन से ही मुकाबला कर सकते हैं। राज्य के लोगों के लिए मुद्दों को लाने के लिए राज्य भर में पर्चे वितरित करने का निर्णय लिया गया। राजभवन के सामने विरोध कार्यक्रम के अलावा अन्य सभी जिलों में विरोध सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जो स्टैंड लगातार ले रहे हैं वह संविधान विरोधी और अवैध है। हम चाहते हैं कि राज्यपाल का निर्णय संविधान और प्रचलित कानूनों के अनुसार होना चाहिए।

राज्यपाल भी लगातार दे रहे बयान

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी लगातार सरकार के खिलाफ बयान दे रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने ड्रग्स के मामले में केरल की तुलना पंजाब से करते हुए बताया था कि केरल ने सबको पीछे छोड़ दिया है। राज्य के नौ कुलपतियों का इस्तीफा मांगने को लेकर विवाद अभी चल ही रहा है।

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