प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन में आज से शुरू हो रहे 2 दिनी G-7 के 47वें शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। माना जा रहा है कि वे इसमें कोरोना महामारी से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। भारत G-7 का हिस्सा नहीं है, लेकिन ब्रिटेन ने विशेषतौर पर आमंत्रित किया है।

नई दिल्ली. ब्रिटेन में आज से शुरू हो रहे दो दिनी G-7 के 47वें शिखर सम्मेलन में मोदी भी शामिल होंगे। हालांकि वे इसमें शामिल होने ब्रिटेन नहीं गए हैं। वे वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन के संपर्क(आउटरीच) सत्रों में शामिल होंगे। वे इसमें कोरोना महामारी से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रख सकते हैं। भारत G-7 का हिस्सा नहीं है, लेकिन ब्रिटेन ने विशेषतौर पर मोदी को आमंत्रित किया है। मोदी कोरोना वैक्सीन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति को सरल बनाने की दिशा में कोई सुझाव दे सकते हैं।

महामारी से सबक लेते हुए सम्मेलन का आगाज
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कोरोना महामारी से सबक लेने की बात कहते हुए कहा कि 2008 की बड़ी आर्थिक मंदी की भूल दुहराने से बचना होगा। खासकर तब, तब समाज मे समान रूप से विकास नहीं हो पा रहा हो।

यह है G-7 समूह
इस समूह में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं। ब्रिटेन इसका अध्यक्ष है। इसलिए उसने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका को विशेषतौर पर आमंत्रित किया है। बता दें कि G-7 विकसित देशों का समूह है। इसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी। तब इसमें 6 देश थे। कनाड को 1976 में जोड़ा गया था।

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