प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन को "लोकतंत्र का मंदिर" बताया है। उन्होंने कामना की है कि यह भारत के विकास पथ को मजबूत करे और लाखों लोगों को सशक्त बनाए। 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह नई संसद का उद्घाटन किया। इसके इंटीरियर को तीन राष्ट्रीय प्रतीक (कमल, मोर और बरगद का पेड़) के थीम पर तैयार किया गया है। नए संसद को टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा बनाया गया है।

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नए संसद भवन की 5 खास बातें

1- नए संसद भवन में भारत की लोकतांत्रिक विरासत को दिखाने के लिए भव्य संविधान कक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही सांसदों के लिए लाउंज, पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान है।

2- नया संसद भवन त्रिकोणीय आकार का है। चार मंजिला यह इमारत 64,500 वर्ग मीटर में फैला है। इसके तीन मुख्य गेट (ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार) हैं। VIP लोगों, सांसदों और विजिटर्स के लिए अलग प्रवेश द्वार हैं।

3- नए संसद भवन को बनाने में इस्तेमाल हुए सामग्री को पूरे देश से लाया गया है। सागौन की लकड़ी महाराष्ट्र के नागपुर से मंगाई गई। लाल और सफेद बलुआ पत्थर राजस्थान के सरमथुरा से लाया गया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कालीन, त्रिपुरा से बांस के फर्श और राजस्थान के पत्थर की नक्काशी लगाई गई है। नया संसद भवन भारत की विविध संस्कृति को दर्शाता है।

4- नए संसद भवन में लोकसभा के 888 सदस्यों और विधानसभा के 300 सदस्यों के बैठने की जगह है। आने वाले समय में नया परिसीमन होना है। इसके बाद सांसदों की संख्या बढ़ेगी। पुराने संसद भवन में जगह कम पड़ रही थी। नए संसद भवन को सांसदों की संख्या में होने वाली वृद्धि को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 

5- नए संसद भवन में सेंट्रल हॉल नहीं है। लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त सत्र लोकसभा कक्ष में बुलाया जाएगा। यहां 1280 सांसदों के बैठने की जगह है।

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