राहुल गांधी के ऑफिस पर हमले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हर किसी को अपनी राय जाहिर करने का हक है लेकिन इसकी हद नहीं तोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने हिंसा को पूरी तरह गलत बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष व केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के वायनाड ऑफिस (Wayanad office) पर शुक्रवार को गुस्साएं लोगों ने हमला बोलकर तोड़फोड़ किया है। कांग्रेस ने इस घटना के पीछे एसएफआई का हाथ होने का आरोप लगाया है। कांग्रेसियों का आरोप है कि स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के गुंडों ने पार्टी कार्यालय पर हमला बोला और पार्टी स्टॉफ से मारपीट की है। 

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तोड़फोड़ का भी वीडियो आया सामने

कांग्रेस सांसद के दफ्तर में तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिखाई दे रहा है कि शुक्रवार दोपहर को वायनाड में कुछ लोग कांग्रेस सांसद के दफ्तर की खिड़कियों पर चढ़ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। हाथों में SFI के झंडे लिए कुछ लोग दफ्तर के अंदर तक पहुंच गए। वहां इन लोगों ने नारेबाजी की औस सामान भी तोड़ दिया।

मुख्यमंत्री पर भी लगाया आरोप

कांग्रेस ने राहुल गांधी के दफ्तर पर हमले के लिए केरल के सीएम पिनाराई विजयन को जिम्मेदार बताया है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने आरोप लगाया कि केरल में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अराजकता फैल गई है। उन्होंने पूछा कि केरल के मुख्यमंत्री इस तरह के उपद्रवियों को संरक्षण क्यों दे रहे हैं।

केरल कांग्रेस के नेता और विधायक टी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के दफ्तर पर यह पूर्व नियोजित हमला था। उन्होंने भी राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पी विजयन पर सवाल खड़े किए।

विजयन ने कहा-दोषियों को नहीं बख्शेंगे

राहुल गांधी के ऑफिस पर हमले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हर किसी को अपनी राय जाहिर करने का हक है लेकिन इसकी हद नहीं तोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने हिंसा को पूरी तरह गलत बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

क्यों नाराज हैं लोग?

राहुल गांधी वायनाड लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने संरक्षित क्षेत्रों, वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास के एक किलोमीटर इलाके को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस फैसले से नाराज इन लोगों की मांग है कि राहुल गांधी इस मामले में अपना स्टैंड लेकर लोगों की आवाज बनें।

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