रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC ने फ्रांस से 26 राफेल-एम और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद को मंजूरी दे दी है। चार राफेल दो सीट वाले होंगे। भारतीय नौसेना के पास पहले से छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियां हैं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर फ्रांस पहुंच गए हैं। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC (Defence Acquisition Council) ने फ्रांस से 26 राफेल एम लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन क्लास की तीन पनडुब्बियों की खरीद को मंजूरी दी है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

DAC हथियारों की खरीद पर फैसला लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली इस संस्था की अध्यक्षता रक्षा मंत्री के पास होती है। फ्रांस से जो 26 राफेल एम विमान खरीदे जाएंगे उनमें चार दो सीट वाले वर्जन होंगे। इनका इस्तेमाल पायलटों को ट्रेनिंग देने में होगा। 22 राफेल एम एक सीट वाले होंगे। रक्षा मंत्रालय के रक्षा खरीद बोर्ड (डीपीबी) ने पहले ही राफेल एम और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी थी।

लड़ाकू विमान के इंजन विकसित करने को लेकर हो सकता है समझौता
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई बड़ी रक्षा परियोजनाओं की घोषणा होने की उम्मीद है। भारत और फ्रांस एक समझौते पर साइन करने के करीब पहुंच रहे हैं, जिसके तहत फ्रांसीसी कंपनी साफरान और एक भारतीय कंपनी मिलकर भारत में लड़ाकू विमान का इंजन विकसित करेगी।

रक्षा मंत्रालय भारत में लड़ाकू जेट इंजन विकसित करने में मदद के लिए फ्रांसीसी कंपनी साफरान के साथ चर्चा कर रही है। इसका उद्देश्य उन्नत और भविष्य के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) सहित भारत द्वारा भविष्य में तैयार किए जाने वाले लड़ाकू विमानों के लिए इंजन बनाना करना है।

आईएनएस विक्रांत पर तैनात होंगे राफेल-एम विमान

भारत पहले से राफेल विमान का इस्तेमाल कर रहा है। वायुसेना के लिए 36 राफेल खरीदे गए थे। 23 साल बाद इंडियन एयरफोर्स को नया विमान मिला था। अब नेवी को भी राफेल की ताकत से लैस किया जा रहा है। इन राफेल एम विमानों को नौसेना के नए एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा।

नौसेना को मिलेंगी तीन और स्कॉर्पीन पनडुब्बियां
पहले प्रोजेक्ट 75 के तहत भारत और फ्रांस के बीच स्कॉर्पीन क्लास की छह पनडुब्बियों को लेकर सौदा हुआ था। इस डील के अनुसार नेवी को छह पनडुब्बी मिल गए हैं। अब तीन और पनडुब्बियों के लिए डील होने वाली है। इन पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी और मझगांव डॉक लिमिटेड के सहयोग से मुंबई में किया जाएगा।