रुद्रप्रयाग में बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने वाला ब्रिज-टनल प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। 99% काम पूरा हो चुका है और अगस्त में इसे यातायात के लिए खोलने की उम्मीद है। इससे चार धाम यात्रा के दौरान लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) [भारत], 25 जुलाई (एएनआई): बद्रीनाथ और केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग में निर्माणाधीन मोटर ब्रिज और टनल परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस परियोजना को अगस्त में यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग बद्रीनाथ और केदारनाथ तीर्थ यात्रा मार्ग पर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लगभग 900.30 मीटर और 200 मीटर लंबे मोटर ब्रिजों का निर्माण कर रहा है। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए ₹156 करोड़ मंजूर किए हैं।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के अनुसार, केदारनाथ और बद्रीनाथ राजमार्गों को जोड़ने वाले ब्रिज और टनल का लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, और बाकी एक प्रतिशत काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। एएनआई से बात करते हुए विशाल मिश्रा ने कहा, "...टनल का काम पूरा हो चुका है। ब्रिज पर तेजी से काम हो रहा है। हमें उम्मीद है कि हम अगस्त के अंत तक ट्रायल टेस्टिंग के लिए ब्रिज को खोल पाएंगे। जब टनल और ब्रिज जुड़ जाएंगे, तो लोगों को फायदा होगा..."

विभाग के अनुसार, जल्द ही ब्रिज की लोड टेस्टिंग की जाएगी, जिसके बाद अगस्त में इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोले जाने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने कहा कि एक बार चालू हो जाने के बाद, यह ब्रिज चार धाम यात्रा सीजन के दौरान रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम को काफी हद तक कम कर देगा। यह तीर्थयात्रियों और निवासियों दोनों के लिए एक सुगम और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

वहीं, इस सप्ताह की शुरुआत में गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। उन्होंने निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत दो मेडिकल मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और नई शुरू की गई पहल से निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार होगा।

धामी ने आगे कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए आवश्यक उपकरण, साइकिल और सिलाई मशीन प्रदान करके उन्हें सशक्त बना रही है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को घर बनाने या खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, बुजुर्ग निर्माण श्रमिकों को उनके बाद के वर्षों में वित्तीय सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से आग्रह किया कि वे उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के साथ अपना पंजीकरण नियमित रूप से नवीनीकृत कराएं ताकि वे सरकार द्वारा शुरू की गई सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाना जारी रख सकें। इससे पहले, बोर्ड के सचिव पी सी डुमका ने बोर्ड की गतिविधियों का एक अवलोकन प्रस्तुत किया और सभा को नई शुरू की गई कल्याणकारी पहलों के बारे में जानकारी दी। (एएनआई)

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