Sanjay Raut on Gyanesh Kumar: संजय राउत ने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि 2029 में नई सरकार बनेगी और कथित तौर पर देश के साथ बेईमानी करने वालों पर मुकदमे चलेंगे। SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष-EC के बीच विवाद जारी है।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक टकराव अब और तीखा हो गया है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को मुंबई में दावा किया कि 2029 में देश में नई सरकार बनेगी और उनके मुताबिक जिन्होंने देश के साथ बेईमानी की है, उनके खिलाफ मुकदमे चलाए जाएंगे। राउत के बयान ऐसे समय आए हैं जब SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के बीच विवाद चल रहा है।
2029 में नई सरकार का राउत का दावा
संजय राउत ने कहा कि 2029 में नई सरकार बनने के बाद कथित तौर पर चुनाव प्रक्रिया में गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे लोगों से जवाब मांगेगी। हालांकि, यह राउत का राजनीतिक दावा है, कोई स्थापित या भविष्य में सत्यापित तथ्य नहीं। राउत ने अपने बयान में बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं।
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ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कथित दबाव और किसी संभावित “डील” को लेकर जवाब देने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि कुमार को बताना होगा कि उन पर किसका दबाव था। ये आरोप ऐसे समय लगाए गए हैं जब SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित आपत्तियों की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 मौकों पर आयोग के कदमों पर आपत्ति दर्ज की थी।
राहुल गांधी के बयान का भी किया जिक्र
राउत ने राहुल गांधी की उस मांग का समर्थन किया जिसमें उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुमार को कथित मामलों की जानकारी सामने लाने के लिए “अप्रूवर” बनना चाहिए। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि आयोग में अलग-अलग राय और आंतरिक विचार-विमर्श निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
चुनाव आयोग और SIR पर क्यों बढ़ा विवाद?
विवाद का एक बड़ा केंद्र मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) है। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग अपने निर्णयों का बचाव कर रहा है। 25 सितंबर को कांग्रेस ने इसी मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन किया और CEC के इस्तीफे की मांग की।
जंतर-मंतर आंदोलन का भी किया जिक्र
संजय राउत ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश की जनता जाग चुकी है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में युवाओं की प्रमुख भूमिका रही और विपक्षी दलों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन किया। फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष आमने-सामने हैं। आने वाले समय में यह विवाद राजनीतिक बहस के साथ-साथ संस्थागत और कानूनी स्तर पर भी आगे बढ़ सकता है।
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