देशद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं। पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि कांग्रेस देश तोड़ने वालों के साथ खड़ी रही है। 

नई दिल्ली। देशद्रोह के मामलों (Sedition case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने पुनर्विचार तक देशद्रोह के नए मामले दर्ज करने पर रोक लगा दिया है। इस मामले को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के नेताओं की ओर से बयानबाजी हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं। 

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केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस हमेशा देश तोड़ने वालों के साथ खड़ी रही है। अपने ट्वीट में किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर कोई एक पार्टी है जो स्वतंत्रता, लोकतंत्र और संस्थानों के सम्मान की विरोधी है तो वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है। यह पार्टी हमेशा भारत को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़ी रही है और भारत को विभाजित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है।

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बता दें कि देशद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया था। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, "सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं। सच कहना देश प्रेम है, देशद्रोह नहीं। सच सुनना राजधर्म है, सच कुचलना राजहठ है। डरो मत!"

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देशद्रोह मामलों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में देशद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्य कांत और हेमा कोहली की पीठ सुनवाई कर रही है। केंद्र ने अदालत को बताया है कि उसने धारा 124 ए के प्रावधानों की फिर से जांच करने और पुनर्विचार करने का फैसला किया है। 

कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से बुधवार तक यह बताने को कहा था कि क्या भविष्य में देशद्रोह के मामलों के रजिस्ट्रेशन को तब तक के लिए स्थगित रखा जा सकता है जब तक कि वह देशद्रोह कानून के संबंध में पुनर्विचार की प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पुनर्विचार तक फिलहाल राजद्रोह के तहत मुकदमे दर्ज करने पर रोक लगा दिया। कोर्ट ने कहा कि केंद्र हो या राज्य सरकार पुनर्विचार तक 124A के तहत कोई एफआईआर दर्ज नहीं करेंगे। 3 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई होगी।

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