जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सोमवार को तीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं को लाल चौक पर तिरंगा फहराने को लेकर हिरासत में ले लिया गया। दरअसल तीनों भाजपा कार्यकर्ता लाल चौक के क्लॉक टॉवर पर तिरंगा फहराने के लिए बढ़ रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने वहां खड़े होकर भारत माता की जय के नारे भी लगाए।

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सोमवार को तीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं को लाल चौक पर तिरंगा फहराने को लेकर हिरासत में ले लिया गया। दरअसल तीनों भाजपा कार्यकर्ता लाल चौक के क्लॉक टॉवर पर तिरंगा फहराने के लिए बढ़ रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने वहां खड़े होकर भारत माता की जय के नारे भी लगाए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीडिपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के तिरंगा विरोधी बयान के खिलाफ कश्मीर में भाजपा तिरंगा रैली निकाल रही थी।

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एक स्थानीय न्यूज एजेंसी 'कश्मीर न्यूज ऑब्जर्वर' (केएनओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा कुपवाड़ा यूनिट के कार्यकर्ता सोमवार को श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटाघर पहुंचे। यहां इन्होंने तिरंगा फहराने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान कार्यकर्ता 'भारत माता की जय' के नारे लगा रहे थे। 

गुपकार घोषणा के नेताओं को संदेश

बता दें कि तीनों भाजपा कार्यकर्ता कुपवाड़ा के नागरिक हैं। इनमें से एक कुपवाड़ा भाजपा का प्रवक्ता भी है। तीनों की पहचान मीर बशरत, मीर इशफाक़ और अख्तर खान के रूप में हुई है। हिरासत में लिए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बशरत ने कहा कि हम 'गुपकार घोषणा' के सदस्यों को यह संदेश देने के लिए लाल चौक पर तिरंगा फहराने आए थे कि कश्मीर में केवल तिरंगा ही रहेगा। हम उस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए आए थे जिस दिन महाराजा हरि सिंह ने केंद्र के साथ जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के समझौतौं पर हस्ताक्षर किए थे।

एजेंसी के मुताबिक, बशरत ने कहा कि हमारा संदेश महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और गुपकार डिक्लेरेशन के सभी नेताओं के लिए है कि कश्मीर में सिर्फ तिरंगा ही फहरेगा। राज्य के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए तीनों भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उन्हें कोठीबाग थाने ले जाया गया है। बता दें कि मुफ्ती ने बीते दिनों बयान दिया था कि जब तक घाटी में आर्टिकल 370 दोबारा लागू नहीं होता, तब तक वे किसी झंडे को नहीं अपना सकती हैं।