DMK अध्यक्ष स्टालिन ने तमिलनाडु कृषि बजट 2026 को खोखला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज कर सिर्फ सीएम सी जोसेफ विजय की तारीफ की गई है। स्टालिन ने इसे योजनाओं का नाम बदलने वाला बजट भी कहा।
चेन्नई (तमिलनाडु) [भारत], 6 अगस्त (एएनआई): डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को तमिलनाडु सरकार के कृषि बजट 2026 की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट किसानों की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है और इसके बजाय इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्ताधारी सरकार की प्रशंसा करने के लिए किया गया।
बजट में सिर्फ CM की तारीफ: स्टालिन
एक्स पर एक पोस्ट में स्टालिन ने आरोप लगाया कि बजट में सूखा और कुरुवई खेती के मौसम में किसानों को हुए फसल नुकसान जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है। स्टालिन ने कहा, "सूखे का समाधान करने के बजाय, तमिलनाडु कृषि बजट 2026 का इस्तेमाल केवल तारीफों के पुल बांधने और मुख्यमंत्री की चापलूसी करने के लिए किया गया।"
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के लिए सार्थक उपाय करने के बजाय मौजूदा योजनाओं का ही नाम बदला गया है। उन्होंने कहा, "यह सरकार नाम बदलने की एक और कवायद से ज्यादा कुछ नहीं निकली है। क्या यह सरकार सोचती है कि अपनी योजनाओं पर 'विजय' का ठप्पा लगाकर उसका काम पूरा हो गया है?"
स्टालिन ने आगे आरोप लगाया कि बजट कुरुवई मौसम के दौरान फसल नुकसान झेलने वाले डेल्टा किसानों को राहत देने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, "यह कृषि बजट एक खोखला बजट साबित हुआ है, जो डेल्टा के उन किसानों को कुछ भी नहीं दे रहा है, जिन्होंने कुरुवई खेती के मौसम में फसल का नुकसान उठाया है और सरकार की मदद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"
डीएमके प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा में किसानों की चिंताओं को उठाना जारी रखेगी। स्टालिन ने कहा, "इस पूरे विधानसभा सत्र में, हमारी पार्टी के सदस्य हमारे महान किसानों की मांगों को जोर-शोर से उठाएंगे।"
सरकार ने गिनाईं बजट की उपलब्धियां
तमिलनाडु के कृषि मंत्री विनोद ने गुरुवार को विधानसभा में कृषि बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें किसानों की आय में सुधार, सिंचाई का विस्तार, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और फसल बीमा को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा की गई। इसके साथ ही 600 करोड़ रुपये के नए 'तमिलनाडु मृदा संरक्षण मिशन' का भी अनावरण किया गया।
बजट पेश करते हुए विनोद ने कहा कि सिंचाई विस्तार, मशीनीकरण, सटीक खेती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-संचालित शासन के माध्यम से तमिलनाडु की कृषि अब निर्वाह खेती से एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित और बाजार-उन्मुख क्षेत्र में विकसित हो गई है।
मंत्री ने कहा कि यह बजट सलेम, तंजावुर, वेल्लोर, तिरुनेलवेली, चेन्नई और आसपास के जिलों में किसानों, किसान संघों, कृषि-व्यवसाय के नेताओं, उद्यमियों और निर्यातकों के साथ परामर्श के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, "यह कृषि बजट उन परामर्शों के दौरान व्यक्त किए गए सुझावों, विचारों और मांगों पर उचित विचार करके तैयार किया गया है।"
मंत्री के अनुसार, बजट में किसानों के कल्याण, आय वृद्धि, जल संसाधनों के विस्तार और संरक्षण, कृषि अनुसंधान, सिंचाई प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, कृषि विपणन और किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत करने को प्राथमिकता दी गई है।
फसल बीमा योजना के लिए 648.55 करोड़
विनोद ने घोषणा की कि राज्य सरकार 2026-27 के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने के लिए 648.55 करोड़ रुपये आवंटित करेगी। इस योजना से 15 लाख किसानों को लाभ होने की उम्मीद है, जिसमें 36 लाख एकड़ फसल को बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा, और सरकार का लक्ष्य अधिसूचित फसलों में 100 प्रतिशत फसल बीमा कवरेज हासिल करना है। (एएनआई)
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