भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अस्थायी रूप से रोकी गई चार धाम यात्रा फिर से शुरू हो गई है। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि यात्रा सुचारू है और प्रशासन तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। यात्रियों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 21 जुलाई (एएनआई): तीर्थयात्रा मार्गों की व्यापक समीक्षा के बाद, चार धाम यात्रा अब सुचारू रूप से फिर से शुरू हो गई है, जिसे 20 जुलाई को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि सभी चार धाम जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा का संचालन किया जा रहा है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए तीर्थयात्रा मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की कि यदि भारी बारिश, भूस्खलन या किसी अन्य कारण से मार्ग अस्थायी रूप से बाधित होता है, तो वे प्रशासन द्वारा पहचाने गए सुरक्षित स्थानों या होल्डिंग क्षेत्रों में ही रहें और प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। हालात सामान्य होने के बाद ही यात्रा को फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
गढ़वाल आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को मौसम की स्थिति और तीर्थयात्रा मार्गों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। तीर्थयात्रियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की नवीनतम जानकारी की जांच कर लें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सलाह पर ही भरोसा करें।
पहले क्यों रोकी गई थी यात्रा
इससे पहले, उत्तराखंड प्रशासन ने सोमवार को लगातार हो रही भारी बारिश, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट और तीर्थयात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर हुए भूस्खलन को देखते हुए एहतियात के तौर पर चार धाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया था।
गढ़वाल आयुक्त ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि जो तीर्थयात्री पहले से ही मार्ग पर हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए। उन्हें यह भी निर्देश दिया गया है कि मार्गों को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही तीर्थयात्रियों को अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाए।
अधिकारियों को मीडिया और अन्य संचार चैनलों के माध्यम से तीर्थयात्रियों और जनता को समय पर और सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए भी कहा गया है। प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय मौजूदा मौसम की स्थिति और यात्रा मार्गों की हालत को देखते हुए केवल एहतियात के तौर पर लिया गया था, जिसमें तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
मार्गों के सुरक्षित घोषित होने और स्थिति सामान्य होने पर तीर्थयात्रा फिर से शुरू की जाएगी। तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सलाह पर भरोसा करें और मौसम की स्थिति में सुधार होने तक संबंधित जिला अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। (एएनआई)
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